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बाढ़ नियंत्रण योजना के नाम पर सरकार से नहीं मिला धेला
कटान वाले क्षेत्रों ने शारदा सागर खंड ने नहीं कराए कोई बचाव कार्य
शारदा तलहटी में फिर हो सकती है तबाही
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मानसून आने को है। सिंचाई विभाग ने अपनी निर्माणाधीन बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को पूरा कर लिया है, लेकिन यह पहला मौका है कि सरकार द्वारा किसी भी नई परियोजनाओं पर बजट न मिलने से कोई कार्य नहीं कराया जा सका। ऐसे में कुछ स्थानों पर बाढ़ की तबाही रुकेगी, लेकिन पिछले वर्ष जिन स्थानों पर नदी ने कटान किया था, वहां नदी से होने वाली तबाही से इंकार नहीं किया जा सकता।
शारदा नदी हर साल बरसात के दौरान भारी तबाही मचाती है। गत वर्ष भी नदी ने कई स्थानों पर भूकटान कर कृषि व आबादी क्षेत्र को तबाह किया था। इधर अब बरसात का कार्यकाल शुरू हो चुका है। शारदा नदी का जलस्तर रोजाना थोड़ा बहुत घटने-बढने लगा है। हालांकि नदी की चौड़ाई काफी अधिक है। ऐसे में फिलहाल जलस्तर तो नदी की बीच धार में बढ़ता है, लेकिन पड़ोसी गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। इसमें रमनगरा बुझिया के लोग भी शामिल है। जहां गत वर्ष भारी कटान के साथ वन संपदा को भी निगल लिया था।
शारदा नदी पर जो इलाका शारदा डैम के नजदीक है, वहां बाढ़ खंड ने नगरिया खुर्द से लेकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर तक बाढ़ नियंत्रण योजना को बनाकर समय से पूरा कर दिया है। ऐसे में यहां पर कटान की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। ऐसी ही स्थिति नौजल्हा नंबर दो में भी है, जहां शारदा व जगबूड़ा नदी नेपाल से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते ही तबाही मचाती है। यहां अभी फिलहाल एक बड़ा बांध बना दिया गया है, लेकिन डैम के नजदीक गभिया सहराई व नलडेंगा का इलाका जहां सनेड़ी तट बंध बना है उसके दो स्परों को नदी ने गत वर्ष बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। यह इलाका शारदा सागर खंड की देखरेख में है। यहां पूरे वर्ष कोई बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं कराने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। नदी कटान करती हुई सनेड़ी तटबंध के नजदीक आ चुकी है। इधर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष किसी भी नई बाढ़ नियंत्रण योजना पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण किसी नई योजना पर कार्य फिलहाल शुरू नहीं हो सका।
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वर्जन:
शारदा नदी के खतरे वाले स्थानों में बाढ़ नियंत्रण योजनाएं बनाकर समय से कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इन इलाकों में भू कटान का खतरा टल गया है। रमनगरा बुझिया के लिए भी अभी भी प्रयास कर रहे हैं, ताकि बजट मिले तो कुछ अस्थाई कार्य कराया जा सके लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल सका हैं। - मिन्हाज अहमद, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड