नगर पालिका के ढाई लाख की आबादी वाले शहर में कचरा प्रबंधन चुनौती बना हुआ है। कभी इच्छाशक्ति तो कभी संसाधनों की कमी ने शहर को गंदा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब शहरवासियों को सालों से चली आ रही इस समस्या से छुटकारा दिलाने को पालिका प्रशासन द्वारा अगले सप्ताह से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा। हालांकि इसे अभी बतौर ट्रायल शुरू किया जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था नगर पालिका द्वारा चार दशक पुराने हैल्थ मैनुअल के अनुसार ही चल रही है। शहर के 27 वार्डों में साफ सफाई की जिम्मेदारी वर्तमान में करीब 350 सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है। वार्डों में तैनात सफाईकर्मी रोजाना मोहल्लों से कूड़ा उठाकर शहर में बने 30 से अधिक अस्थाई डलावघरों में डाल तो देते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के चलते यह कूड़ा कई-कई घंटे सड़कों के किनारे पड़ा रहता है। हाल ही में नगर पालिका प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत लड़खड़ाती जा रही सफाई व्यवस्था को ढर्रे पर लाने की कवायद शुरू की है। इसके तहत अब अगले सप्ताह से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा। हालांकि अभी इसे शहर के सभी 27 वार्डों में बतौर ट्रायल शुरू किया जाएगा। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आबिद अली के मुताबिक सभी 27 वार्डों में एक साथ डोर टू डोर कूड़ा कलेेक्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वार्ड को एक-एक हाथ रिक्शा दिया जा रहा है। इस वाहन में हरे और नीले रंग के दो कंटेनर रखे जाएंगे। हरे रंग के कंटेनर में गीला कूड़ा एकत्र किया जाएगा, जबकि नीलेे रंग के कंटेनर में सूखा कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। संबंधित सफाईकर्मी एकत्रित किए गए कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालेगा। उसके बाद इसे कचरा वाहन की मदद से उठाकर शहर के बाहर डंप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी यह व्यवस्था निशुल्क रहेगी।