माधोटांडा (पीलीभीत)। वन विभाग के आला अफसरों के कड़े सुरक्षा निर्देश व एनटीसीए गाइड लाइन पर टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र चल रहा है। वही पहली बार वन विभाग के दो विभागों पर पर्यटन सत्र की जिम्मेदारी आने से आपसी सामंजस्य भी बनाने में समय लग रहा है। ऐसे में कई कारणों के चलते पर्यटकों की संख्या में पूरी तरह इजाफा नहीं हो पा रहा है।
टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र शुरू होने से पूर्व ही एनटीसीए की गाइड लाइनों को ध्यान में रखते हुए वन संरक्षक व क्षेत्रीय निदेशक बरेली वृत्त ने टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के भ्रमण व सुरक्षा का खाका खींचते हुए प्रभागीय वन अधिकारी को पत्र भेजकर कड़ी शर्तों के साथ पर्यटकों के जंगल भ्रमण पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। वन संरक्षक बरेली वृत द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक इस वर्ष पर्यटकों के भ्रमण के लिए चिंह्ति रूट मैप हर प्रमुख स्थानों, स्वागत कक्ष, सोवेनियर कक्ष व नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए। साथ ही जंगल भ्रमण कराने वाले प्रत्येक जिप्सी चालक व गाइड के पास हर समय रूट मैप की फोटोप्रति उपलब्ध रहे। चूका स्पॉट कैंटीन चलाने वाली ग्राम वन समिति के सभी सदस्यों का नाम, पता, पहचान पत्र की प्रति महोफ रेंज, चूका कार्यालय तथा प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में मौजूद रहे, समिति सदस्य नेम प्लेट के साथ मिलिट्री ग्रीन कलर की पैंट शर्ट व जूतों में रहें। प्रत्येक जिप्सी चालक व गाइड पर्यटकों को प्रात: सूर्योदय से 11 बजे तक एवं अपराह्न ढाई बजे से शाम साढ़े छह बजे तक घुमा सकते हैं। वापसी समय में लाने की जिम्मेदारी जिप्सी चालकों की होगी। किसी भी दशा में पर्यटकों को टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गाड़ी से नीचे उतर कर घूमने पर प्रतिबंध रहेगा। वन क्षेत्र में ध्रूमपान, गुटखा खाने, थूकने, शराब पीने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक वाहन पर एक थैला अवश्य रखा जाएगा तथा जैविक कूड़ा वापस लाने व क्षेत्र में न फेंकने की जिम्मेदारी वाहन चालक की होगी। ऐसी सभी शर्तों के साथ पर्यटकों को इस नए पर्यटन सत्र में चूका बीच व जंगल सफारी से टाइगर रिजर्व घूमने पड़ेगा। हालांकि पूर्व में इसकी सभी जिम्मेदारियां टाईगर रिजर्व प्रशासन ही निभाता था, लेकिन इस बार वन निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जानकारों का कहना है कि नियम व शर्तें इतनी सख्त हो गई है कि पर्यटक स्वतंत्र रूप से घूमने को लेकर आशंकित हो रहे हैं।