पीलीभीत। जिले में जल जीवन मिशन का कार्य सिर्फ कागजों पर ही फर्राटा भर रहा है। धरातल पर तीन वर्ष में सिर्फ 132 परियोजनाएं ही पूरी हो सकी हैं। 300 से अधिक परियोजनाओं का कार्य अभी शेष है। अधिकांश गांवों में पेयजल के नाम पर पाइपलाइन तो बिछा दी गईं, लेकिन भीषण गर्मी में भी टोटियों से पानी भी नहीं आया है। वहीं, खोदी गईं सड़कें ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं।
शनिवार को शासन की ओर से नामित नोडल अधिकारी उदय भानु त्रिपाठी ने बीसलपुर क्षेत्र के गांव गोवल पतिपुरा में कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां जलापूर्ति तो सुचारू मिली, पर कुछ ग्रामीणों को कनेक्शन नहीं दिए गए थे। नोडल अधिकारी ने जल्द कनेक्शन देने का निर्देश दिया।
गोवल पतिपुरा में भी अभी ओवरहेड टैंक का काम अधूरा है। इसी तरह जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी जल जीवन मिशन का काम आधा-अधूरा है। कहीं ओवरहेड टैंक के खंभे ही खड़े हो सके हैं। किसी ग्राम पंचायत में पाइपलाइन नहीं पड़ी है। अमरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत हर्रायपुर में पाइपलाइन में लीकेज की समस्या है।
ग्राम पंचायत तिरकुनियां नसीर में दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। मरौरी की ग्राम पंचायत मुडेला कला में ओवरहेड टैंक बन गया, लेकिन पाइपलाइन नहीं पड़ी। यही हाल अन्य ब्लॉकों का भी है।
अब तक टैंक बने 247, लीकेज बनी समस्या
जिले में जल जीवन मिशन से 484 परियोजनाओं पर काम हो रहा है। काम वर्ष 2022 में शुरू कराया गया था। विभाग का दावा है कि 132 परियोजनाओं पर जलापूर्ति शुरू हो गई है। अब तक 247 ओवरहेड टैंक का निर्माण हो चुका है। बताया जा रहा है कि कार्य पूरा करने की अवधि बढ़ाकर दिसंबर, 2026 कर दी गई है। विभाग इस समयावधि में काम पूरा करने का दावा कर रहा है।
वर्जन
जिले में 484 परियोजनाओं पर काम हो रहा है। इसमें 132 परियोजनाओं का काम पूरा होकर जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। निर्धारित समयावधि तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
- मनीष गंगवार, एक्सईएन, जल निगम
पूरनपुर ब्लॉक के घुंघचाई क्षेत्र में गांव मोहब्बतपुर में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक संवाद
पूरनपुर ब्लॉक के घुंघचाई क्षेत्र में गांव मोहब्बतपुर में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक संवाद