बेसिक स्कूलों के विद्यार्थी जीके में दिखाएंगे दमखम
शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को होगी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता
बेसिक शिक्षा महकमा के 1800 परिषदीय स्कूलों में होगी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर बनाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कराएगा। यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर जनपद स्तर तक आयोजित की जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित जिले में 1230 प्राथमिक और 570 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में पूर्व वर्षों में प्रतियोगिता के नाम पर मात्र खेलकूद प्रतियोगिताएं ही कराई जाती रही हैं। इधर, कुछ वर्षों से स्कूलों में युवा शिक्षकों के तैनाती होने के बाद स्कूलों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। स्कूल स्तर पर प्रतियोगिताओं कराई जा रही हैं। जिसके चलते बच्चों का रुझान भी बढ़ा है। इधर अब महकमे भी शैक्षिक स्तर में सुधार को कवायद शुरू की है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक राकेश पटेल के मुताबिक परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को सभी परिषदीय स्कूलों में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता कराई जाएगी। यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत स्तर से लेकर जनपद स्तर तक कराई जाएगी। इसमें प्राथमिक विद्यालय के कक्षा चार और पांच के बच्चे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी बच्चे प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा संपन्न कराने को महकमे द्वारा कमेटी का भी गठन किया चुका है। इसमें बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयकों, शिक्षकों समेत 26 लोगों को शामिल किया गया है। उक्त समिति के माध्यम से ही सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के पेपर निर्माण से लेकर परीक्षा व मूल्यांकन कराया जाएगा।
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तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता
- प्रथम चरण (न्याय पंचायत स्तर)-14 सितंबर से 20 सितंबर तक (सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 5-5 बच्चे)
- द्वितीय चरण (विकासखंड स्तर)- 25 सितंबर से 26 सितंबर तक (सभी न्याय पंचायतों के 5-5 बच्चे)
- तृतीय चरण (जनपद स्तर)- दो अक्तूबर (सभी ब्लाक/नगरक्षेत्र के 10-10 बच्चे)
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वर्जन:
शासन के निर्देशानुसार परिषदीय स्कूलों में गुणवत्ता सुधार को लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिषदीय स्कूलों में सितंबर-अक्टूबर में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसको लेकर खाका भी तैयार किया जा चुका है।
- डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए