पीलीभीत। जंगल से निकले बाघ ने फार्म हाउस के निकट गाय पर हमला कर उसे घायल कर दिया। हमले से घायल गाय मरणासन्न हालत में पहुंच गई है। सूचना मिलने पर वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। घटना स्थल के निकट कैमरे भी लगाए गए हैं। उधर अमरिया क्षेत्र में भी बाघ की चहलकदमी थमी नहीं है। वहां लगाए गए कैमरों में भी उसकी कैद हुई तस्वीर से उपस्थिति साफ हो गई है।
माधोटांडा मार्ग के निकट माला जंगल क्षेत्र के किनारे पूर्वा भूड़ा निवासी बलविंदर सिंह का झाला (फार्म हाउस) है। बृहस्पतिवार को वह परिवार के साथ सो रहे थे जबकि उनकी गाय पास में ही झोपड़ी में बंधी थी। रात करीब दो बजे जंगल से निकल झाले तक पहुंचे बाघ ने गाय पर हमला कर दिया और गर्दन पकड़कर ले जाने लगा। आहट होने पर घर वाले जाग गए और शोर मचाया। इस पर बाघ गाय को छोड़कर भाग गया। बलविंदर सिंह ने सुबह इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस पर माला रेंज के वनक्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव और सामाजिक वानिकी के वन दरोगा नवनीत यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने घटना स्थल का निरीक्षण और बाघ के पदचिन्ह भी ट्रेस किए। सामाजिक वानिकी के वनक्षेत्राधिकारी सतेंद्र चौधरी ने बताया कि बलविंदर सिंह का झाला जंगल से 400 मीटर की दूरी पर है। आसपास खेतों में गन्ने की फसल भी खड़ी है जिसमें होकर बाघ झाले तक पहुंच गया। परिवार को सतर्क कर घटना स्थल के आसपास कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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फिर कैमरे में कैद हुआ बाघ
अमरिया क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ग्राम- बेहरी में चकरोड के समीप दांए एवं बांए लगे कैमरों में उसकी तस्वीर कैद हुई है। निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने बताया कि अमरिया के बाघ प्रभावित क्षेत्रों में गठित टीम के द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने बताया कि गठित टीम द्वारा ग्रामीणों को मीटिंग कर एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक किया गया और ग्राम- हिमकरपुर, जगदीशपुर, सुस्वार व अन्य प्रभावित ग्रामों में बाघ से बचाव के लिए पर्टे छपवाकर ग्रामीणों में वितरित किए गए। इसमे ग्रामीणों को गन्ने के खेतों की ओर जाने से मना किया गया है।
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