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दिव्यांगों और बुजुर्गों को मिला चलने का साहरा

Sat, 22 Dec 2018 10:59 PM IST
zaidi saba अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
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कार्यक्रम में 1090 लोगों को व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल, कान मशीन, बैसाखी की वितरित
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दिव्यांगजन सशक्तिरण विभाग की ओर से शनिवार को ड्रमंड इंटर कॉलेज में कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 1090 दिव्यांगों और बुजुर्गों को उपकरण वितरण किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पीलीभीत उनका संसदीय क्षेत्र है। दिव्यांगों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसको लेकर समय-समय पर शिविर व कार्यक्रमों का आयोजन कर विभाग द्वारा दिव्यांगों और बुजुर्गों को उपकरण बांटे जाते हैं। उन्होंने व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल आदि का वितरण करने के साथ ही प्रमाण पत्र बांटे।
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी शनिवार दोपहर ड्रमंड इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंची। कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉकों से बड़ी संख्या में दिव्यांग पहुंचे थे। कार्यक्रम में 1090 पंजीकृत दिव्यांगों और बुजुर्गों को लाभ मिला। इनमें 410 ट्राई साइकिल, 290 बैसाखी, 390 कान की मशीन, 10 व्हील चेयर शामिल हैं। कार्यक्रम में जिला दिव्यांग सशक्तिरण अधिकारी केपी सिंह ने दिव्यांगों के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि शादी से लेकर व्यापार तक में दिव्यांग को सरकार मदद दे रही है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त जगन्नाथ प्रसाद चक्रवर्ती, कमल शर्मा, मनीष शर्मा को प्रमाण पत्र दिए। मंच पर एडीएम प्रशासन बृज किशोर, जिला दिव्यांग सशक्तिरण अधिकारी केपी सिंह, जिला विकास अधिकारी योगेंद्र पाठक, सुखवीर सिंह भदौरिया, महेश शर्मा, डॉ. योगेंद्र नाथ मिश्रा, सुखवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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...जब लगाई मंच पर फटकार
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का पारा उस वक्त चढ़ गया जब मंच पर पहुंचते ही उन्हें दिव्यांगों को दिए जाने वाले उपकरण की संख्या व संबंधित विभाग से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी। इस पर उन्होंने मंच कार्यक्रम आयोजकों व विभागीय अधिकारियों की फटकार लगा दी।

कार्यक्रम से निकलते ही दिव्यांग ने रोका रास्ता
भाषण देने के बाद जैसे ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी मंच से नीचे उतरकर अपने वाहन में बैठने पहुंची। इस दौरान तभी अचानक बरखेड़ा के उदराह का रहने वाला दिव्यांग जगदीश पहुंच गया। मेनका गांधी के साथ चल रहे सुरक्षा कर्मी व प्रशासनिक अधिकारी ने उसे रोक दिया। काफिला रवाना होने के बाद भी दिव्यांग ट्राई साइकिल की मांग पर अड़ा रहा। उसका कहना था कि दिव्यांग प्रमाण पत्र होने के बाद भी उसको ट्राई साइकिल नहीं दी गई।

दिव्यांग दंपति के चेहरे पर दिखी खुशी
कार्यक्रम में पूरनपुर के रहने वाले एक दिव्यांग दंपति भी शामिल थे। दिव्यांग सयूम पत्नी फूलबी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान दोनों को एक साथ बुलाकर ट्राई साइकिल दी गई। दिव्यांग सयूम ने बताया कि वह और उसकी पत्नी बेहद खुश हैं।
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ट्राई साइकिल मिलने पर खुश दिखे कालीचरन
कलीनगर के भगवंतापुर निवासी कालीचरण ने ट्राई साइकिल मिलने पर प्रशंसा व्यक्त की। कहा कि दो महीने पहले ही ट्राई साइकिल के लिए आवेदन किया था। सुबह करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। साइकिल न होने के कारण उसे कहीं भी आने-जाने में खासी असुविधा होती थी। ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब काफी हद तक राहत मिल गई है।
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