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कृषि भूमि का सर्किल रेट एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर महंगा
क्रासर...
लागू हो गया जिले का नया सर्किल रेट
शहर के व्यवसायिक क्षेत्र में नहीं बढ़ाया रेट, पांच मीटर सड़क वाले शहरी क्षेत्र में मात्र 200 रुपये की बढ़ोत्तरी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले की संपत्तियों के सर्किल रेट निर्धारित कर दिए गए हैं। शहर की संपत्तियों के दाम पहले से ही काफी अधिक थे, लिहाजा राहत देते हुए इस बार शहर की संपत्तियों के सर्किल रेट में नाममात्र की वृद्धि की गई है। वहीं जबकि ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के पुराने दरों में एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर (40 हजार रुपये प्रति एकड़) की बढ़ोत्तरी की गई है।
बताते चलें कि पहले सर्किल रेटों में वृद्धि शासन द्वारा तीन साल में एक बार किए जाने के निर्देश थे लेकिन शासन ने प्रत्येक वर्ष आय बढ़ाने की दृष्टि से सर्किल रेट को पुनरीक्षित करने के साथ एक अगस्त से नया सर्किल रेट निर्धारित करने का आदेश सभी जिलों के डीएम को दिया है। इसी निर्देश के क्रम में डीएम अखिलेश मिश्र ने यहां नया सर्किल रेट जारी कर दिया है। रेट बढ़ाने से पहले डीएम ने माह जुलाई में सहायक महानिरीक्षक स्टांप व सभी सब रजिस्ट्रार व तहसीलदारों के साथ बैठक कर विमर्श किया था।
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शहर की संपत्ति के अब ये होंगे सर्किल रेट
शहर से सटे मोहल्ला नौगवां पकड़िया की संपत्ति के सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं की गई है। यहां पहले पांच मीटर से कम चौड़ाई वाले मार्ग पर स्थित जमीन का सर्किल रेट 5200 रुपये प्रति वर्ग मीटर था उसे यथावत रखाहै। जबकि नई बस्ती, सिविल लाइन व शहर के अंदर के मोहल्लों (पांच मीटर से कम रोड वाले) की दरों में 200 रुपये की वृद्धि करते हुए 5300 रुपये से 5500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर कर दिया गया है। सिविल लाइन कॉलोनियों में पांच मीटर से अधिक व 12 मीटर से कम वाले मार्ग पर स्थित संपत्तियों के सर्किल रेट 9200 रुपये में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। 12 मीटर से अधिक चौड़ाई मार्ग पर स्थित भूमि के सर्किल रेट में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है।
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शहर के मुख्य व्यवसायिक मार्ग पर भी नहीं बढ़ाया रेट
शहर की स्टेशन और जेपी रोड पर पड़ने वाली संपत्तियों के सर्किल रेट में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है। स्टेशन से सुनगढ़ी थाने तक 35 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, सुनगढ़ी थाने से कोतवाली तिराहे तक 40 हजार, रामगोपाल हलवाई से बरेली दरवाजे तक 40 हजार, बरेली दरवाजे से जाट चौराहे तक 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
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यहां उम्मीद पर खरा नहीं उतरा सर्किल रेट
सुनगढ़ी थाने से राजकीय इंटर कालेज तक के मार्ग पर व्यवसाय काफी तेजी से बढ़ रहा है। शहरवासियों के मुताबिक इस मार्ग पर ही सबसे अधिक रेट पर संपत्ति मिल रही है। इस मार्ग पर कई नर्सिंग होम भी हैं। यहां सर्किल रेट काफी बढ़ने की संभावना थी लेकिन इस मार्ग पर भी सर्किल रेट में खास वृद्धि नहीं की गई। इस मार्ग पर 28 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट ही रखा गया है। जबकि कोतवाली तिराहे से लेकर बाजार गेट तक व्यावसायिक गतिविधियां कम हैं लेकिन यहां पहले से ही निर्धारित 40 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर रखे गए हैं। शहर के लोगों को इसके रेट कम होने की उम्मीद थी।
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सर्किल रेट न बढ़ने से अब इसकी खरीद फरोख्त में आयकर के प्रापर्टी गेन के टैक्स में काफी राहत रहेगी। क्योंकि जमीनों के सर्किल रेट अधिक थे। खास कर व्यवसायिक और शहरी क्षेत्र की कृषि भूमि के सर्किल रेट अधिक थे जबकि वास्तविक रूप से उसकी दरें कम थीं। दरें बढ़ने से धनराशि लेनदेन में काफी फर्क था जो आयकर अधिनियम के अंतर्गत दोनों के लिए परेशानी थी। दरें न बढ़ने से विसंगति कम हो जाएगी।- राजकुमार गंगवार, कॉलोनाइजर
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बैनामे में गवर्मेंट वैल्यू ज्यादा होने के कारण ग्राहक को दिक्कत होती है और कॉलोनाइजर पर टैक्स की मार गेन टैक्स के रूप में पड़ती है। बैनामे में 20 हजार रुपये से अधिक का नकद लेनदेन प्रतिबंधित है। ऐसे में ग्राहक को नंबर एक की रकम दर्शाना काफी मुश्किल भरा होता है। इसके चलते अगर सर्किल रेट बढ़ते हैं तो ग्राहक को दिक्कत होती। रेट न बढ़ने का फायदा सिर्फ कॉलोनाईजर व ग्राहकों को ही नहीं होगा, बल्कि संपत्ति की खरीद फरोख्त अधिक होने के कारण सरकार को भी स्टांप ड्यूटी के रूप में राजस्व लाभ होगा।- संजीव शुक्ला, कॉलोनाइजर
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पहले से ही सर्किल रेट बढ़े हुए थे। लोगों की सुविधा को देखते हुए जहां आवश्यकता थी वहां न के बराबर सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी की है। इससे खरीद-फरोख्त बढ़ेगी तो राजस्व आय भी बढ़ेगी।- डा. अखिलेश मिश्र, डीएम