पीलीभीत। जिलाधिकारी शीतल वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार जिला समन्वय समिति व जिला स्तरीय लोकल एडवाइजर कमेटी की बैठक हुई। जिसमें बैंक से ऋण प्राप्त करने के दौरान किसानों को होने वाली दिक्कत पर चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उसका समाधान करने के निर्देश दिए।
गांधी सभागार में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी किसान को बैंकों के चक्कर न लगवाएं जाएं। उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।
डीएम ने कहा कि ऑन लाइन प्रक्रिया का दायित्व बैंक अधिकारियों पर है। ऋण मोचन योजना संबंधी शिकायतों व उनकी समस्याओं का निराकरण व समाधान गंभीरता से करें, किसानों द्वारा डेयरी, पशुपालन व अन्य कार्यों के लिए सरकार द्वारा योजना के पात्र कृषकों को बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाए। जिससे वह अपना रोजगार शुरू कर सकें। डूडा के द्वारा भी योजनाओं के तहत दिए गए लाभ को बैंक अपना दायित्व गंभीरता से निभाए। जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। लोन देने से पूर्व यह भी जांच लें कि उद्यमी लोन अदा कर सकता है या नहीं, तभी लोन की फाइल पास की जाए। यदि पहले से ही किसी बैंक से उद्यमी द्वारा लोन लिया गया है तो उस उद्यमी को लोन न दिया जाए। डीएम ने अगली बैठक में पूर्ण सूचनाओं के साथ सभी को उपस्थित रहने व तहसील स्तरीय बैंककर्मियों के भी उपस्थित रहने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एलडीएम व अन्य जिला स्तरीय व बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।