एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल कुमार शुक्ला ने कहा कि सिलेबस (कोर्स) कवर नहीं बल्कि डिस्कवर होना चाहिए। पाठ्यक्रम को पूरा कराना ही मात्र उद्देश्य नहीं बल्कि संबंधित व्यवहारिक ज्ञान भी देना चाहिए। कुलपति मंगलवार को पुष्प इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज एंड हायर स्टडीज में हुए मेधावी सम्मान समारोह में उक्त बातें कही।
उन्होंने शिक्षा व विद्या के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षा सभ्यता जनित होती है और विद्या संस्कार जनित। ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों का होना भी आवश्यक है। हमें विपरीत परिस्थितियों में भी सच्चाई का साथ देना चाहिए। उन्होंने गुरु द्रोणाचार्य व संदीपन के गुरुकुलों का जिक्र करते हुए कहा कि द्रोणाचार्य के आश्रम में केवल राजकुमारों को शिक्षा दी जाती थी जो सक्षम व असक्षम के बीच अंतर पैदा करती थी। वहीं गुरु संदीपन के आश्रम में श्रीकृष्ण व सुदामा विद्या ग्रहण करते थे। वहां बिना भेदभाव के शिक्षा प्रदान की जाती थी। जिससे अपनत्व व सहयोग की भावना पैदा हो सके। विश्वविद्यालय के आईटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसएस वेदी ने पुष्प इंस्टीट्यूट की सराहना करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय वर्तमान में विश्वविद्यालय के अग्रणी महाविद्यालयों में से एक है और भविष्य में विश्वविद्यालय का एक आदर्श महाविद्यालय बनने की क्षमता रखता है। महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक एसपीएस संधू ने कहा कि यदि अपेक्षित सहयोग मिले तो इस महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का मॉडल महाविद्यालय बनाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा के स्तर का श्रेय शिक्षकों व विद्यार्थियों को दिया।
इससे पूर्व कुलपति ने गोल्ड मेडलिस्ट इरबा शाहीन, सौम्या शर्मा, सरोज कुमारी, दामिनी जौहरी को सम्मानित करने के साथ बेस्ट अटेंडेंस, यूनिवर्सिटी टॉपर्स, महाविद्यालय टॉपर्स को भी स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। इसके अलावा उन्होंने गृह विज्ञान की मानव विकास व पारिवारिक अध्ययन प्रयोगशाला व कंप्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर उप प्रधापाचार्य डॉ. गीतिका शुक्ला, डॉ. निर्मल कौर, पूजा सक्सेना, डॉ. ओममहेश, हरेंद सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
सेल्फी के लिए लगी होड़
सम्मान समारोह में आए कुलपति अनिल कुमार शुक्ला ने जहां अपनी सादगी की छाप छोड़ी, वहीं अपने भाषण से प्रवक्ताओं व विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी एक-एक बात पर जहां हॉल में तालियों गूंजती रहीं। हालात यह हो गए कि कार्यक्रम के समाप्त होते ही कई छात्राएं कुलपति का आशीर्वाद लेने के साथ उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ में लगी रहीं।