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धान खरीद के साथ ही शुरू हो गया खेल!

Wed, 11 Oct 2017 12:20 AM IST
पीलीभीत
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धान खरीद शुरू होते ही उसमें खेल कर मुनाफा कमाने के लिए खाद्यान्न माफिया और कुछ राइस मिलर्स सक्रिय हो गए हैं। किसानों का मानना है कि कई सरकारी क्रय केंद्रों पर इनकी सांठगांठ हो रही है, जिसके चलते किसानों से औने-पौने दाम पर धान खरीद करके उसे सरकारी खरीद में दिखाने को सांठगांठ की जाने लगी है। वहीं, सरकारी क्रय केंद्रों पर धान मानक के अनुरूप न बताकर किसानों को लौटाया जाने लगा है ताकि वे मंडी में धान बेच सकें। ऐसे ही खेल को लेकर धान खरीद में गड़बड़ी की मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच शासन से खाद्य एवं रसद विभाग के अपर मुख्य सचिव को दी गई है।
धान खरीद के साथ ही इसको लेकर खेल शुरू हो गया है। शिकायत हुई है कि कई धान खरीद केंद्रों पर विक्रय के लिए धान लेकर पहुंचने वाले अधिकांश किसानों को मानक के अनुरूप धान न होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। इससे किसान अपना धान मंडी में आढ़तियों और खाद्यान्न माफियाओं को बेचने के लिए विवश हैं। इस तरह से सक्रिय हुए खाद्यान्न माफिया और कुछ राइस मिलर्स धान की सीधी खरीद कर उसे सरकारी धान खरीद में दर्शाने की जुगत में भी लग गए हैं ताकि मोटा मुनाफा हो सके। माधोटांडा निवासी मुहम्मद आरिफ खां ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इस खेल और मनमानी की शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। शिकायत में कहा कि अधिकांश राइस मिलर्स और धान माफिया 1100 रुपये प्रति क्विंटल तक धान खरीद कर उसे सरकारी खरीद में दिखाकर लाभ लेने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की जांच खाद्य एवं रसद विभाग के अपर मुख्य सचिव को दी गई है। इससे खलबली है। माना जा रहा है कि अपर मुख्य सचिव शिकायत की जांच के जल्द जिले में पहुंचेंगे।
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फर्जी दस्तावेज से फर्म पंजीकरण की शिकायत
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भेजे एक अन्य पत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक फर्म का पंजीकरण कराने का आरोप लगाया गया है। गांव देवीपुर निवासी रोहताश पांडेय ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भेजी शिकायत में फर्जी दस्तावेजों पर खाद्य एवं रसद विभाग में एक फर्म का पंजीकरण होने की शिकायत की है। शिकायत की जांच कराकर फर्म को ब्लैक लिस्टेड कराने की मांग की गई है।
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