माधोटांडा। सिंचाई के लिए नहरों में पानी न होने से किसान बेहद परेशान हैं। उन्हें सिंचाई के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। इधर, सिंचाई और नहर खंड के अभियंताओं के मुताबिक कम से कम दो सप्ताह नहरों में पानी और नहीं छोड़ा जाएगा। नहरों में पानी न छोड़े जाने से शारदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
सिंचाई विभाग ने ऐसे समय में शारदा मुख्य नहर का क्लोजर कर दिया है, जब किसानों को गन्ना, मेंथा, साठा धान की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है। जब से शारदा मुख्य नहर का पानी बंद किया गया है तब से बाकी नहरें भी सूख गई हैं। किसान बताते हैं कि क्लोजर तो वैसे एक सप्ताह पहले ही कर दिया गया था और अब शारदा मुख्य नहर को भी बंद कर दिया गया है। किसानों ने जब सिंचाई विभाग के अभियंताओं से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि लगभग दो सप्ताह और शारदा मुख्य नहर बंद रहेगी। दरअसल, हरदोई ब्रांच नहर में शाहजहांपुर इलाके में मरम्मत का कार्य हो रहा है। वहां एक पुल भी बनाया जा रहा है, इसी वजह से नहरों को बंद कर दिया गया है। अब यदि दो सप्ताह तक और नहरें बंद रहीं तो किसानों के सामने बड़ी दिक्कत होगी। बराही के कृषक सुखदीप सिंह लाडी, किसान जगजीत सिंह, सरताज बली खान, नफीस खान, गुरमेज सिंह, शाहिद आदि का कहना है कि इस समय खेतों में जो फसलें खड़ी हैं उनमें पानी की बहुत जरूरत है। अगर पानी नहीं मिला तो फसलें सूख जाएंगी। इधर, शारदा सागर डैम को भी खाली किया जा रहा है। उसमें भी पानी लगभग डेड लेवल तक पहुंच चुका है।