पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़े कई मंत्र दिए। दूरदर्शन पर प्रसारित किए गए इस कार्यक्रम का जिले के कई स्कूलों में लाइव प्रसारण किया गया। पीएम ने विद्यार्थियों से तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करने और अभिभावकों से बच्चों पर अपनी उम्मीदों का बोझ न डालने की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने मेंकिग एक्जाम फन: चैट विद पीएम मोदी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया। लाइव प्रसारण में सबसे पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संबोधित किया। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे संवाद की शुरूआत करते हुए कहा कि मेरे लिए ये कार्यक्रम किसी को उपदेश देने के लिए नहीं है। मैं यहां आपके बीच खुद को अपने जैसा, आपके जैसा और आपके स्थिति जैसा जीना चाहता हूं, जैसा आप जीते हैं। परीक्षा में सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि आप अपने रिकॉर्ड से कंपटीशन कीजिए और हमेशा अपने रिकॉर्ड ब्रेक कीजिए। इससे आप कभी निराश नहीं होंगे और तनाव में नहीं रहेंगे। अभिभावकों को नसीहत देते हुए कहा कि अभिभावकों का सकारात्मक रवैया, बच्चों की जिंदगी की बहुत बड़ी ताकत बन जाता है। तुलना कर बच्चों को नीचा ना दिखाएं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। शहर के केंद्रीय विद्यालय में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। यहां करीब 500 बच्चे लाइव स्क्रीन पर पीएम से रूबरू हुए। इस मौके पर प्राचार्य एमजेड निगार, दीपक सिंह गोसांई, सूर्यप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे। इसके अलावा चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, डिवाइन कॉलेज, सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई समेत जिले के अन्य कॉलेजों में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया। हालांकि कई अन्य कॉलेजों में डीआईओएस संत प्रकाश के निर्देश के बावजूद कार्यक्रम का लाइव प्रसारण नहीं किया गया।
परीक्षा पे चर्चा में पीएम सर द्वारा जो संवाद किया गया, निश्चित ही ये हम सभी के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा हो तो पहुंच में तो हो, लेकिन पकड़ में ना हो, यह बात मेरे दिल को छू गई।
स्वरिमा सिंह, इंटर
मोदी सर ने सीधे संवाद में परीक्षा को उत्सव की तरह लेने की बात कही। यदि इस पर अमल करें तो परीक्षा के दौरान तनाव न के बराबर ही रहेगा। उनकी बात सभी को ध्यान रखनी होगी, तभी अच्छे मॉक्र्स मिल सकेंगे।
शिक्षा शर्मा, हाईस्कूल
सफल लोगों पर टाइम का दबाव नहीं होता है, क्योंकि उन्होंने अपने समय की कीमत को समझा है। प्रधानमंत्री की इस बात को जरुर फॉलो करुंगा। बोर्ड परीक्षा से पूर्व ये कार्यक्रम सभी के लिए हितकारी है।
विशेष मित्तल, इंटर