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खेत पर काम कर रही महिला को बाघ ने बनाया निवाला

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न्यूरिया (पीलीभीत)। पीलीभीत जिले में बाघ का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार धान के खेत में निराई कर रही 60 वर्षीय ननकी देवी को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। धान की पौध की निराई करते वक्त बाघ ने महिला पर हमला किया और खींचकर जंगल के सौ मीटर भीतर ले गया। पड़ोस के खेत पर काम कर रहे महिला के बेटों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को जमा किया और ट्रैैक्टर की मदद से शव बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने मृतका के शव को टनकपुर हाइवे पर रख कर गांव के आगे जाम लगा दिया। ग्रामीण जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा बंदोबस्त की मांग और मृतका के परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने एक माह के भीतर पूरा करने का आश्वासन देकर उत्तेजित ग्रामीणों को शांत कराया और तब शव को पुलिस ने कब्जे में लेेकर पोस्टमार्टम को भेजा। इसके चलते करीब ढाई घंटे तक टनकपुर हाइवे जाम रहा।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के मैथी सैदुल्लागंज गांव निवासी ननकी देवी पत्नी स्वर्गीय रामचरन के दो खेत चंद कदमों की दूरी पर बनकटी के जंगल से सटे हुए हैं। शनिवार सुबह वह अपने बेटे सोमप्रकाश, धर्मेंद्र और गयाशंकर के साथ खेत पर धान की पौध लगाने व लगे धान में उगी घास की निराई करने गई थी। महिला अपने पहले खेत पर निराई करने रूक गई और तीनों बेटे पास में स्थित दूसरे खेत में चले गए। सुबह करीब साढ़े 10 बजे जंगल से निकले बाघ ने ननकीदेवी पर हमला कर उसे दबोच लिया। गर्दन पर वार करने के बाद महिला को घसीट कर जंगल के भीतर तक ले गया। चीख पुकार सुनकर दूसरे खेत पर काम कर रहे तीनों बेटे और पड़ोसी खेत स्वामी प्रेम प्रकाश बाहर आए तो बाघ को महिला को खींचकर ले जाता देख शोर मचाया। कुछ ही देर में ग्रामीण इकट़्ठा हो गए। जिसके बाद ट्रैक्टर और पटाखे की सहायता से बाघ के करीब पहुंच उसे भगाया। बाघ के शव छोड़ कर कुछ दूर चले जाने पर ग्रामीण महिला के शव के पास पहुंचे तब तक बाघ महिला का एक पैर व हाथ खा चुका था और गर्दन, चेहरे समेत कई जगह वार के निशान थे। शव को परिवारीजनों ने बाहर निकाला और सूचना वनविभाग के अफसरों को दी। इसके बावजूद कोई मौके पर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद एसडीएम पूर्णिमा सिंह, सीओ सदर धर्म सिंह मार्छाल पुलिस बल के साथ पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम को शव पुलिस के कब्जे में नहीं दिया। शव लेकर ग्रामीण दोपहर में बिथरा पहुंचे और टनकपुर हाईवे पर शव रखकर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। जंगल से सटे इलाकों में बसे ग्रामीणों की सुरक्षा की मांग की। एसडीएम, सीओ के शांत कराने पर भी नहीं माने। डीएम और डीएफओ के मौके पर आकर आश्वासन देने की बात पर अड़ गए। ढाई घंटे प्रदर्शन के बाद सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने मौके पर पहुंच कर एक माह में ग्रामीणों की मांग पूरीश् करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने शमव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
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