परियोजना निदेशक आरबी भास्कर का निलंबन 18 दिसंबर को प्रमुख सचिव की समीक्षा के आधार पर हुआ था। इसमें जिले की बदतर स्थिति के साथ ही सबसे खराब हालात पूरनपुर ब्लाक के पाए गए। यहां 21 सौ आवासों के लक्ष्य के अनुरूप आवासों का चयन शून्य था।
दो दिन पूर्व शासन ने जिला ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक आरबी भास्कर को निलंबित कर दिया था। 18 दिसंबर को हुई समीक्षा बैठक के 20 दिन बाद हुई निलंबन कार्रवाई की विभाग में खासी चर्चा है। सूत्रों की मानें तो निलंबन की कार्रवाई के पीछे इंदिरा आवास चयन मेें लापरवाही का आरोप तो एक बहाना मात्र है। असल में पिछले दिनों चुनाव के समय उच्च अधिकारियों की नाराजगी का खामियाजा पीडी को उठाना पड़ा है। इंदिरा आवासों की स्थिति की बात करें तो वर्ष 2015-16 के लिए जिले को 5080 आवासों का लक्ष्य मिला। इसमें 2178 आवास पूरनपुर ब्लाक के हैं। चूंकि पूरनपुर ब्लाक के बीडीओ का चार्ज पीडी के पास ही है, और समीक्षा में सबसे खराब स्थिति पूरनपुर ब्लाक की पाई गई। जिले में कुल लक्ष्य के सापेक्ष 15 दिसंबर 2015 तक मात्र 11 सौ आवासों का चयन हो सका था। इसी को आधार बनाकर प्रमुख सचिव ने पीडी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। हालांकि विभागीय अधिकारी आवासों का चयन न होने के पीछे चुनाव आचार संहिता को कारण बता रहे हैं। शायद यही कारण है कि चुनाव समाप्त होते ही इंदिरा आवासों के चयन का कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो गया है और प्रदेश में पीलीभीत का 46वां स्थान है।