ध्वस्तीकरण के बाद निकलने वाली सामग्री से बनेंगे मध्याह्न भोजन कक्ष, खड़ंजा और बाउंड्रीवाल
पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले में 203 विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में पाए गए हैं। इन भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 74 जर्जर विद्यालय अमरिया क्षेत्र में हैं। इसके अलावा पूरनपुर में 41, मरौरी में 32, बरखेड़ा में 19, बिलसंडा में 17, बीसलपुर में 12, ललौरीखेड़ा में सात और पीलीभीत नगर क्षेत्र में एक विद्यालय भवन जर्जर है।
मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि जर्जर भवनों को ध्वस्त करने के बाद निकलने वाली सामग्री का विवरण स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इस सामग्री का विद्यालय की प्राथमिक आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जाएगा। इसके तहत मध्यान्ह भोजन कक्ष, विद्यालय तक संपर्क मार्ग पर खड़ंजा और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा सकेगा। इन कार्यों को ग्राम निधि से कन्वर्जेंस के माध्यम से कराने की योजना है।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यों का प्राक्कलन तैयार कराकर उनके कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इससे जर्जर भवनों के स्थान पर विद्यालयों में जरूरी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होगा। संवाद