पीलीभीत। निराश्रित गोवंशीय पशुओं के भरण पोषण को राज्य सरकार द्वारा जिला प्रशासन के खाते में एक करोड़ की धनराशि भेजी गई थी। इसके बाद भी गोवंशीय पशुओं के भरण पोषण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिसपर प्रमुख सचिव सुधीर एम बोगड़े ने प्रभारी डीएम और प्रभारी सीवीओ की फटकार लगाते सख्त दिशा निर्देश दिए है।
जिले में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के संरक्षण और उनके भरण पोषण के लिए राज्य सरकार ने एक करोड़ रुपये जिला प्रशासन के खाते में भेजा है। कुछ दिन पूर्व भेजी गई यह धनराशि नगर पालिकाओं और ब्लॉक कार्यालय के खातों में भेजी जानी थी, लेकिन प्रशासनिक अफसरों के लापरवाही के कारण यह धनराशि खाते पड़ी है। सोमवार शाम प्रमुख सचिव सुधीर एम बोगड़े की वीडियो कांफ्रेंसिंग मेें जब इस पर चर्चा हुई तो वह बिफर पड़े। सूत्रों की मानें तो वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रभारी डीएम/ एडीएम न्यायिक देेवेंद्र मिश्रा द्वारा बताया कि धनराशि आवंटित करने को लेकर शासन से कोई गाइडलाइन प्राप्त नहीं हुई है। इतना सुनते ही प्रमुख सचिव का पारा चढ़ गया कहा कि गोवंशीय पशु सड़कों पर घूम रहे है। गायें भूखी मर रही हैं। उनका भरण पोषण नहीं हो रहा है। जिले की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी आप इस तरह की बात कह रहे हो यह कहना गलत है। वहीं सीवीओ डॉ. ज्ञान प्रकाश की जगह पहुंचे उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी सिंह का प्रमुख सचिव के तेवर देख पसीना छूट गया। स्पष्ट कहा कि सड़कों व पशु गोशाला में एक भी गोवंशीय पशु भूख की मौत से मरे तो सख्ती से निपटा जाएगा।