पीलीभीत। यूपी-उत्तराखंड में 35 लोगों की जहरीली शराब से मौत होने के बाद शासन ने अलर्ट जारी कर अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इसको लेकर पुलिस, आबकारी और प्रशासनिक अफसरों की ओर से संयुक्त छापा मारा जा रहा है। जिले की बात करें तो कार्रवाई आंकड़ेबाजी में सिमटती नजर आ रही है। छिटपुट कारोबारियों की धरपकड़ कर आंकड़े दुरुस्त किए जा रहे हैं और बड़े स्तर पर काम करने वालों को हर बार की तरह नजर कर दिया गया है।
जिले में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर है। हर थाना क्षेत्र में कई ऐसे गांव में हैं, जिनकी पहचान अवैध शराब के कारोबार से है। जंगल और नदियों के किनारे के इलाकों की बात करें तो दिन हो या रात भट्टियां धधकती रहती हैं। यही नहीं अवैध शराब को तेज बनाने के लिए यूरिया की मिलावट से लेकर स्टॉक छिपाने का भी अपना ही तरीका है। खेतों में गड्ढा खोदकर शराब को छिपाया जाता है। कई बार दबिशों के बाद इसकी हकीकत खुलकर सामने भी आ चुकी है। सोमवार को चलाए गए अभियान की बात करें तो 425 लीटर शराब, चार भट्टी पकड़ी गई। 23 लोगों की भी जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गिरफ्तारी की गई। यह आंकड़ा देखने में भले बड़ा लगता हो, लेकिन अगर अलग-अलग बरामदगी देखी जाए तो कार्रवाई औपचारिकता से अधिक नहीं होगी। कई थानों से तो कोई धरपकड़ ही नहीं है। ऐसे में शासन की सख्ती पर शुरू हुई मुहिम भी अफसरों की ओर से किए जा रहे आंकड़ेबाजी के खेल में सिमटती दिखाई दे रही है।
अवैध शराब को लेकर लगातार धरपकड़ कराई जा रही है। समस्त सर्किल व थाना प्रभारियों को इसको लेकर सख्त दिशानिर्देश दिए गए हैं। अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जिन थाना क्षेत्रों से कार्रवाई कम है, उन्हें भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
- रोहित मिश्र, एएसपी