ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (ऑयबॉक) के राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को अधिकांश बैंक बंद रहीं। बैंक कर्मी एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए। सुबह बैंक पहुंचे लोग कुछ देर बैंक के बाहर खड़े होने के बाद घर लौट गए। बैंक कर्मी स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का समर्थन करते दिखे। पूरे दिन बैंक बंद रहने के कारण लोगों को खासी असुविधा का सामना करना पड़ा। हड़ताल से यहां पर करीब 50 करोड़ रुपये की क्लीयरेंस ठप रही। इसका असर शहर के कई एटीएम पर भी देखनेे को मिला। यहां लोगों की भीड़ देखी गई।
ऑयबॉक के जिला इकाई अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को बैंक अधिकारियों ने हड़ताल का आह्वान किया था। जिस कारण स्टेट बैंक के अलावा सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओरवरसीज बैंक समेत कई बैंकों की शाखाओं में दिनभर ताले लटके रहे। उन्होंने बताया कि बैंकों में कार्यरत ग्रेड वन से ग्रेड सात के अधिकारी कर्मचारी को केंद्र सरकार के अन्य कार्यालयों के अनुरूप वेतन का भुगतान करने, सप्ताह में पांच दिनों का कार्य दिवस, पारिवारिक पेंशन योजना को अपग्रेड करने, तृतीय पक्ष के उत्पादों की गलत बिक्री पर रोक लगाने, नई पेंशन नीति रद्द करते हुए पुरानी नीति लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर अधिकारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान सुनील कटियार, पीयूष सिंह, अनपू सचान, सुनील कटियार, अमित गौर, कुलदीप कुमार, राहुल, भूपेंद्र, महेश कुमार, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
आज भी बंद रहेंगी बैंक
22 दिसंबर को चौथे शनिवार की वजह से बैंक नहीं खुलेंगे, 23 दिसंबर को रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे। 24 दिसंबर को बैंक खुलेगा और 25 दिसंबर को क्रिसमस का अवकाश और 26 दिसंबर को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंकों में हड़ताल रहेगी।