फिर उफनाई शारदा, राणाप्रताप नगर मार्ग पर बाढ़ का पानी
जान जोखिम में डाल ग्रामीण करते रहे आवागमन
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पीलीभीत। पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद मंगलवार बनबसा बैराज से छोड़े गए 80 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी के बाद उफनाई शारदा का पानी ट्रांस शारदा क्षेेत्र के कई मार्गों पर बहने लगा। राणाप्रताप नगर गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी जहां भर गया वहीं हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। राणाप्रताप नगर से करीबरगंज मार्ग पर तीन से चार फिट पानी बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन को लेकर खासी परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा हजारा-सिद्धनगर मार्ग पर भी बाढ़ का पानी तेज धार से बह रहा है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद बनबसा बैराज से मंगलवार को 80 हजार क्यूसेक पानी शारदा में छोड़ा गया था। यह पानी मंगलवार देर शाम तक ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम राणाप्रताप नगर तक पहुंच गया। पिछले दो माह से बाढ़ -कटान का दंश क्षेल रहे ग्रामीण 15 दिन पहले ही बाढ़ खत्म होने पर कुछ राहत की सांस ले सके थे कि मंगलवार रात फिर बाढ़ की दस्तक से दहशतजदा हो गए। भयभीत ग्रामीण घरों में सामान ऊंचे स्थानों पर रखने लगे। सुबह तक बाढ़ का पानी राणाप्रताप नगर-कबीरगंज मार्ग पर तेज धार में बहने लगा। रपटापुल पर दो से चार फिट तक पानी बहने के कारण पलिया से राणाप्रताप नगर तक जाने वाली बसों का संचालन ठप रहा। गांव के चारों ओर पानी के घिर जाने से ग्रामीणों को भी आवागमन में खासी दिक्कत उठानी पड़ी। ग्रामीण पुरुष व महिलाओं से लेकर बच्चे तक जान जोखिम में डाल तेज धार में बह रहे बाढ़ के पानी को पार कर आवागमन करते रहे। इसके अलावा क्षेत्र की हजारों एकड़ फसल भी बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गई। खेतों से होता हुआ बाढ़ का पानी हजारा-सिद्धनगर मार्ग पर भी तीन से चार फिट तक बहने लगा। जिससे वहां भी आवागमन प्रभावित रहा। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता शैलेष कुमार ने बताया कि बनबसा बैराज द्वारा छोड़ा गया अतिरिक्त पानी अब कम होने लगा है। जल्द ही मार्ग पर बह रहा पानी भी उतर जाएगा। बाढ़ की संभावना फिलहाल नहीं है।