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मझोला के संजीव का नाम लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में दर्ज

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मझोला के संजीव का नाम लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में दर्ज
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2284 सूडोकू कटिंग का संग्रह कर बनाया कीर्तिमान
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड व इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी दर्ज करा चुके हैं नाम
28 पीबीटीपी 19
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिला निवासी संजीव कुमार बंसल का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज किया गया है। पेशे से प्रवक्ता संजीव का यह कीर्तिमान लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स के 2018 संस्करण में द ह्यूमन स्टोरी में सुडोकू कटिंग्स के नाम से दर्ज है। उन्होंने यह उपलब्धि विभिन्न समाचार पत्रों से 2284 सूडोकू कटिंग का संग्रह कर हासिल की है। संजीव इससे पूर्व गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड व इंडिया स्टॉर बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी नाम दर्ज करा चुके हैं।
कस्बा मझोला निवासी बृजमोहन लाल अग्रवाल उर्फ बैजनाथ अग्रवाल के पुत्र संजीव बंसल वर्तमान में राजकीय सहशिक्षा सर्वोदय विद्यालय रामपुरा, नार्थ बेस्ट दिल्ली में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। संजीव कुमार ने सितंबर 2005 से पांच दैनिक समाचार पत्रों से 2284 सुडोकू वर्ग पहेलियां एकत्रित कर कीर्तिमान बनाया हैं। इसको लेकर संजीव का नाम पूर्व में गोल्डेन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज हो चुका है। इसके बाद संजीव ने उक्त कीर्तिमान को लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में दर्ज कराने के लिए गत वर्ष आवेदन किया था। रविवार को संजीव ने बताया कि करीब सप्ताह भर पूर्व उनके एक परिचित ने उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में प्रकाशित होने की जानकारी दी। जिस पर उन्हें इसके बारे में पता चला। बताया कि लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स के 2018 संस्करण के पृष्ठ संख्या 29 पर द ह्यूमन स्टोरी चैप्टर में सुडोकू कटिंग्स के नाम से दर्ज है। उन्होंने बताया कि अभी लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स की ओर से उन्हें सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं हुआ है। सर्टिफिकेट डाक द्वारा प्राप्त होगा।
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मालूम हो कि संजीव बंसल इससे पूर्व विभिन्न समाचार पत्रों से 7989 चुटकुले का संग्रह करके गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना कीर्तिमान दर्ज करा चुके हैं। इतना ही नहीं वह गत वर्ष विषम क्रम (101* 101 क्रम) का सबसे बड़ा हस्तनिर्मित जादुई वर्ग बनाने का राष्ट्रीय कीर्तिमान भी इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज करा चुके हैं। संजीव की तमन्ना अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराने की है।
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