मनरेगा के तहत बगैर सड़क निर्माण कराए 2.69 लाख रुपये निकाल लिए गए। जांच में इसका खुलासा होने पर ग्राम विकास अधिकारी से धनराशि की वसूली की संस्तुति की गई है। इसके अलावा ग्राम प्रधान को रोजगार सेवक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्र पंचायत अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि गांव रुद्रपुर निवासी जसवंत सिंह और नरेंद्र सिंह ने रोजगार सेवक विजयपाल पर सड़क निर्माण कराए बगैर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। शिकायत को गंभीरता से लेकर जेई देवेंद्र कुमार से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि गांव गुल्ड़हा में फूल सिंह के घर से प्राथमिक स्कूल तक 250 मीटर खड़ंजा निर्माण के नाम पर धनराशि का खर्च होना दर्शाया गया है जबकि मौके पर सड़क का निर्माण नहीं पाया गया। खास बात यह रही कि जिस सड़क को ढाई सौ मीटर बनाना दर्शाया गया है वह मौके पर सौ मीटर भी नहीं पाई गई। जांच में एक ईंट भट्ठा को 1.93 लाख रुपये, ट्रैक्टर-ट्राली वाले को 15,900 रुपये, राजमिस्त्री को 20,500 रुपये, और मजदूरों को 26,676 रुपये का भुगतान करना दर्शाया गया। जिस ईंट भट्ठा को ईंटों का भुगतान करना दर्शाया गया वह भट्ठा भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में 2.69 लाख रुपये का गबन होने का मामला पाया गया है। जांच के दौरान वीडियो और फोटोग्राफी भी कराई गई। जांच में ग्राम विकास अधिकारी अखलेश गुप्ता को दोषी मानते हुए उससे धनराशि की वसूली की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की गई है। साथ ही ग्राम प्रधान को रोजगार सेवक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क निर्माण को लोगों ने कई बार काटा हंगामा
पूरनपुर। जांच में फंसना तय होने पर रोजगार सेवक ने जांच के बाद सड़क निर्माण के लिए कई बार ईंटें मौके पर रखवाने का प्रयास किया। ताकि सड़क निर्माण कराकर कार्रवाई से बचा जा सके। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर लाई गई ईंटों को वापस करा दिया। ग्रामीणों के विरोध की पुष्टि बीडीओ ने भी की है।