सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन की कालाबाजारी और घोटाले पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अब ई-पॉश मशीन को अपग्रेड किया जाएगा। बायोमीट्रिक के साथ ही मशीन से राशन कार्ड धारकों का चेहरा भी स्कैन किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में 110 ई-पॉश मशीनों के जरिए 49,871 राशन कार्डधारकों को राशन बांटा जा रहा है। ई-पॉश मशीन से राशन वितरण की जब से यह योजना शुरु हुई है, तब से लेकर अब तक कालाबाजारी और घोटालों की लंबी फेहरिस्त सामने आ चुकी है। ऐसे ही मामले लगभग पूरे प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामने आते हैं। बावजूद इसके यह कारनामे रुकने के नाम नहीं ले रहे। यही वजह है कि ई-पॉश मशीन को हाईटेक करने की कवायद चल रही है। नई व्यवस्था के तहत मशीन के अपग्रेड होने के बाद राशन कार्ड वितरण की प्रक्रिया शुरु होते ही ग्राहक और विक्रेता के बीच हो रहे संवाद की भी रिकार्डिंग होगी। इसके अलावा मशीन में चेहरे भी स्कैन करने की पहल की जा रही है, ताकि कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर ई-पॉश मशीन को अपग्रेड करने की तैयारी शुरु हो गई है।