आईएएस मासूम अली के हस्ताक्षर का नमूना लेगी पुलिस
डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर वक्फ की 430 एकड़ जमीन हड़पने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। वक्फ बोर्ड की 430 एकड़ जमीन को डीएम के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर हड़पने का मामला सवा साल बीतने के बाद भी सुलझ नहीं सका है। प्रकरण में एक आईएएस का नाम शामिल होने के कारण जांच की गति काफी धीमी है, हालांकि अब कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस हस्ताक्षर की सत्यता का पता लगाने का प्रयास करेगी। इसके लिए तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर के हस्ताक्षर का नमूना लेकर उसका एक्सपर्ट से मिलान कराया जाएगा।
अमरिया तहसील के फुलईया गांव में वक्फ बोर्ड की करीब 430 एकड़ जमीन पर कुछ सिख परिवार लंबे समय से काबिज हैं। पांच मई 2017 को यह जमीन तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर शहर निवासी तसलीम हसन खान (टीएच खान) ने खुद को वक्फ बोर्ड का प्रबंधक दर्शाकर अपने नाम पर दर्ज करा ली थी। डीएम के तबादले के बाद तत्कालीन डीएम शीतल वर्मा के संज्ञान में मामला आया तो सख्ती की गई। डीएम शीतल वर्मा के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार की ओर से कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मई 2017 में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक लिपिक का नाम भी बतौर आरोपी सामने आया। उसकी मौत भी हो चुकी है। प्रकरण की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इस मामले को लेकर न तो पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट की जा सकी, न ही आरोपियों पर शिकंजा कसा जा सका है। काफी समय बाद एक बार फिर कार्रवाई को गति देने की कोशिश हुई है। अब आईएएस मासूम अली सरवर के हस्ताक्षरों का मिलान होगा। इसके लिए उनके हस्ताक्षर का नमूना लिया जाएगा। एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि हस्ताक्षर का नमूना लेने के लिए क्राइम ब्रांच के मेराज अली को भेजा जाएगा। उस हस्ताक्षर की एक्सपर्ट से जांच भी कराई जाएगी। एक्सपर्ट की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस दोषियों पर शिकंजा कसेगी।