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तीन कबूतरबाज दबोचे, सरगना फरार
विदेश भेजने के नाम पर करते थे लाखों की ठगी
पीलीभीत। विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले तीन शातिर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए जबकि उनका सरगना अभी भी गिरफ्त में नहीं आ सका है। एसपी ने प्रेसवार्ता कर स्वॉट और सर्विलांस टीम के गुडवर्क की सराहना की। इसके बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सुनगढ़ी थाने में कुछ दिन पूर्व विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोप में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें शाहजहांपुर के मौजपुर निवासी सिमरजीत सिंह, गजरौला खुर्द निवासी रणदीप सिंह और गजरौला थाना क्षेत्र के पिपरिया करम गांव निवासी गुरप्रीत सिंह को कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर 24-24 लाख रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने तीनों को अलग-अलग समय पर दिल्ली से फ्लाइट के जरिए बंगलुरू ले जाकर एक कमरे में बंद कर मारपीट की थी। इसके बाद उनको छोड़ दिया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने स्वॉट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां, सुनगढ़ी थानाध्यक्ष रूम सिंह बघेल को टीम के साथ लगाया। सुरागकशी के बाद टीम ने शनिवार सुबह असम चौराहा से तीन आरोपी तकिया फार्म गजरौला निवासी हरपाल सिंह, गुरू पाल सिंह और तिकुनिया (लखीमपुर खीरी) के दीपनगर निवासी करन उर्फ करनजीत सिंह को धर दबोचा जबकि गिरोह का सरगना तरमजोत सिंह निवासी वसुंधरा कालोनी गिरफ्त में नहीं आ सका है। दोपहर तीन बजे पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता कर एसपी ने इसका खुलासा किया। एसपी ने बताया कि ठगी की रकम तरमजोत के पास रहती है। वही गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसकी धरपकड़ के प्रयास जारी हैं। पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ में कुछ सुराग मिले हैं, जिन पर काम कराया जा रहा है।