सेहत पर भारी पढ़ने लगी गर्मी
बुखार, पेट दर्द, जुकाम के मरीजों की बढ़ी तादाद
20 लाख की आबादी पर सिर्फ 45 सरकारी डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बढ़ती गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। अस्पतालों में डायरिया, फूड प्वाइजनिंग, वायरल आदि से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की तादाद रोजाना बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में रोजाना ही हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 70 से 80 मरीज ऐसे हैं जो पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आने, उल्टी, दस्त आदि के शिकार होते हैं। प्राइवेट अस्पतालों में इनकी तादाद सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा कही अधिक है। डॉक्टर लोगों को गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। पिछले चार दिनों की बात करें तो लगातार गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। सुबह होते ही अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगना शुरू हो जाती है। गिने चुने चिकित्सकों पर रोजाना सैकड़ों मरीजों को देखने की जिम्मेदारी है। यहीं हाल सीएचसी व पीएचसी का हैं। चिकित्सकों के अभाव में मरीज इधर से उधर धक्के खाने को मजबूर हैं।
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यह है डॉक्टरों की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में 99 पद डॉक्टरों के सृजित हैं, इनमें 68 डॉक्टर ही सिर्फ विभाग के पास हैं, इनमें भी 23 डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। तीन ने वीआरएस ले रखा है। यानी बीस लाख की आबादी पर कुल 45 डॉक्टर ही स्वास्थ्य महकमे की कमान संभाले हुए हैं। इस स्थिति में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ कैसे मिलेगा इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
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ऐसे करें बचाव
वायरल
लक्षण -गले में जलन, छींक, खांसी, उल्टी आना, शरीर में दर्द होना, ठंड लगकर बुखार आना।
बचाव- स्वच्छ पानी का सेवन करें, ठंडे पानी से परहेज करें, गले में जलन होने पर गरारे करें।
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- हाइपर एसिडिटी
लक्षण- दस्त व उल्टियां आना, पेट में जलन, खट्टी डकार आना।
बचाव- चाय, कॉफी और अल्कोहल के सेवन से बचें। नींबू पानी, ठंडा दूध व दही का सेवन करें।
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- पीलिया
लक्षण- त्वचा व आंखों का रंग पीला होना, कमजोरी और भूख न लगना।
बचाव- बाहर के खाने से परहेज करें, पानी को उबालकर पीएं।
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चिकित्सकों की कमी लंबे समय से हैं, इस संबंध में शासन को पत्र भेजा चुका है। कम चिकित्सक होने के बाद भी जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का सुविधानुसार उपचार किया जा रहा है। चिकित्सक मरीजों को गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहें हैं। अस्पताल में किसी भी दवाई की कमी नहीं है।
डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में पिछले दिनों के मुकाबले बुखार, खांसी, पेट दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ ही उनसे धूप में हल्के रंग के कपड़े पहनने, धूप में चश्मा लगाने, छाता, टोपी का प्रयोग करने, पानी खूब पीने, शिकंजी, लस्सी का अधिक सेवन करने की सलाह दे जा रही है।
- डॉ. सीबी चौरसिया, वरिष्ठ फिजीशियन
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स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों का टोटा
बीसलपुर। चिकित्सकों के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को काफी दिक्कत का सामना उठाना पड़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर आठ पुरुष व दो महिला चिकित्सकों के पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष सिर्फ दो पुरुष और एक महिला चिकित्सक ही तैनात हैं। जिस कारण स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। बता दें, इन दिनों स्वास्थ्य केंद्र पर एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों को देखने की जिम्मेदारी सिर्फ तीन चिकित्सकों पर हैं। चेयरमैन नूर अहमद अंसारी, सभासद राजेश सिंह और भाजपा नेता शरदपाल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मानक अनुरूप चिकित्सकों को तैनात कराने की मांग की लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। चिकित्सा अधीक्षक ने बतया कि उन्होंने सीएमओ को पत्र भेजकर मानक अनुरूप स्टाफ अतिशीघ्र तैनात कराने की मांग की हैं।