फायर ब्रांड, स्टार प्रचार, डिप्टी सीएम भी नहीं बन सके संजीवनी
हाजी रियाज के गढ़ में वार्ड मेंबरी हार गया उन्हीं का भांजा
निकाय चुनाव में बसपा का बढ़ा दिखा ग्राफ, दो सीटें भी मिलीं
पीलीभीत। निकाय चुनाव का परिणाम यहां कई राजनीतिक संदेश दे गया है। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद उसका विजय रथ का पहिया यहां उल्टी दिशा में घूमा है। सपा एक सीट पर दोबारा व दो नई सीटों पर कब्जा जमा भले ही नफा नुकसान बराबर कर ली हो, लेकिन सपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद के भांजे हिलाल अहमद का सपा टिकट पर वार्ड मेंबरी और भांजे की पत्नी का सपा टिकट पर चेयरमैनी का चुनाव हार जाना राजनीतिक हलकों में उनकी मुस्लिम मतों में पकड़ कमजोर होने के रूप में देखा जाने लगा है। जबकि बसपा के दो सीटों पर कब्जा करने से यहां उसे पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू के बढ़ते राजनीतिक कद के रूप में देखा जा रहा है।
जिले में भाजपा, सपा और बसपा की राजनीतिक स्थिति की अगर बात करें तो इसकी सूई क्रमश: केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद व पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू के इर्द गिर्द ही घूमती है। प्रदेश में इनमें जब भी किसी पार्टी की सत्ता होती है सबसे अधिक इन्हीं नेताओं की अपनी सरकार में चलती है। सूत्र बताते हैं कि निकाय चुनाव में प्रदेश हाई कमान ने चेयरमैन पद प्रत्याशियों को टिकट देते समय भी इन नेताओं की पसंद को ध्यान में रखा। लिहाजा नफा नुकसान को भी इन्हीं नेताओं की प्रतिष्ठा से जोड़ कर देखा जा रहा है।
तीन से दो सीटों पर खिसक कर रह गई भाजपा
केंद्र व प्रदेश में सरकार बनाने के बाद भाजपा अपने विजय रथ के निकाय चुनाव में भी चलने का दावा कर रही थी। डिप्टी सीएम से लेकर कई कद्दावर नेता व स्टार प्रचारकों ने जगह-जगह सभाएं कर भाजपा प्रत्याशियों की नैया पार लगाने के लिए वोट मांगे। जाति-बिरादरी के भी कई नेताओं को भाजपा ने संबंधित जाति के मतदाताओं पर डोरे डालने के लिए बुलाया। जिले की चारों विधान सभा सीटों पर भी भाजपा काबिज है और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी यहां से सांसद। इसके बाद भी भाजपा को यहां कुल दो सीटों पर सिमट कर रह गई। नगर पंचायत गुलड़िया भिंडारा और नगर पालिका परिषद बीसलपुर की सीट उसे गवांनी पड़ गई। हालांकि जहानाबाद में वह एक सीट सपा से छीनने में कामयाब हो गई, लेकिन उसका आंकड़ा तीन सीट से खिसक कर दो पर आ गया।
हाजी रियाज अहमद को लगा झटका
जिले के सपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद मूल रूप से न्यूरिया क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। न्यूरिया नगर पंचायत महिला के लिए आरक्षित हो जाने के कारण वहां उन्होंने अपने भांजे एवं निवर्तमान चेयरमैन हिलाल अहद की पत्नी कमरुल निशा को प्रत्याशी बनाया था। पूर्व चेयरमैन हिलाल अहमद ने खुद वार्ड 13 से सभासद पद के लिए नामांकन कराया था। अफसोस दोनों ही चुनाव बुरी तरह हार गए। यही नहीं पीलीभीत नगर पालिका सीट पर भी सपा उम्मीदवार के पक्ष में हाजी रियाज अहमद ने दिन रात एक कर दिया, लेकिन यहां भी उनका उम्मीदवार चौथे पायदान पर रहा। कमोवेश यही स्थिति उनके निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले जहानाबाद सीट पर भी रही। वहां भी सपा को हार का सामना करना पड़ा।
बसपा के साथ फूल बाबू का बढ़ा कद
पिछले नगर पंचायत चुनाव में बसपा के पास एक भी सीट नहीं थी, लेकिन इस चुनाव में उसने नगर पंचायत बिलसंडा और कलीनगर सीट पर कब्जा जमा लिया है। पीलीभीत में भी बसपा प्रत्याशी सम्मानजनक वोट पाकर तीसरे पायदान पर है। इससे पूर्व मंत्री अनीस अहमद के बढ़े जनाधार के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के पास पहले भी एक सीट थी और इस बार भी उसके पास एक सीट है, लेकिन उसे यह सफलता पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद के गढ़ कहे जाने वाली न्यूरिया नगर पंचायत में मिली है इससे उसकी यह जीत को भी कई मायनों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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