पीलीभीत। अब सरकारी अस्पतालों में टिटनेस टॉक्साइड (टीटी) की जगह टेटनस एंड एडल्ट डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। पहले चरण में 16 साल की उम्र वाले किशोरों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जाएगा। वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ने के बाद सभी सरकारी अस्पतालों में टीका सभी उम्र के लोगों को निशुल्क लगेगा। जिला प्रतिक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि डिप्थीरिया संक्रामक और जानलेवा बीमारी हैं। डिप्थीरिया का संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में छींकने और खांसने से फैलता है। शरीर में किसी धातु से कटने और खरोंच लगने पर टिटनेस के जीवाणु शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इस संक्रमण से शरीर की मांसपेशियों में जकड़न और गर्दन अकड़ जाती है। मरीज को सांस लेने में भी तकलीफ महसूस होने लगती है। सही इलाज न मिलने से पीड़ित की मौत तक हो जाती है। इसी तरह डिप्थीरिया का संक्रमण भी नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे पीड़ित की मौत तक हो जाती है। अभी तक डिप्थीरिया का टीका सिर्फ बच्चों को लगता है, लेकिन टिटनेस का टीका सभी उम्र के लोगों को लगता है।
किशोरों में ज्यादा संक्रमण
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, डिप्थीरिया संक्रमण के अधिकतर मामले पांच साल से ज्यादा उम्र के लोगों में पाए गए हैं। 2017 में 77 फीसदी और 2018 में 69 फीसदी डिप्थीरिया संक्रमण के मामले किशोरों और बड़ों में मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने डिप्थीरिया के आंकड़ों को देखते हुए सभी वर्ग के लोगों के लिए टीटी की जगह टीडी का टीका लगाने के आदेश किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय का आदेश मिल गया है। पहले चरण में 16 साल की उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जाएगा। जिले में अभी टीडी का खेप नहीं मिली है। जब तक टीडी नहीं आती है टीटी लगाई जाएगी। - डॉ. सीएम चतुर्वेदी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी