सीमावर्ती इलाके में कम हुई तेंदुए की चहलकदमी
नौजल्हा व बूंदीभूड़ क्षेत्र में एक माह से आतंक मचाए हैं तेंदुए
वनकर्मी कर रहे निगरानी गश्त
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा। सीमावर्ती इलाके के ग्राम नौजल्हा व बूंदीभूड़ इलाके में आतंक की वजह बने तेंदुए की चहलकदमी अब कम होती जा रही हैं। लगातार मवेशियों को निवाला बनाने की घटनाओं के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन के निर्देश पर एक सप्ताह पूर्व तेंदुए की निगरानी करने के लिए अधिक चहलकदमी वाले स्थानों पर कैमरे लगवाए गए। इसके अलावा बराही रेंज के वनकर्मियों की टीम ने लगाकर गश्त को भी बढ़ा दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुए की जंगल से सटे इलाके में चहलकदमी तो है लेकिन चार दिन से तेंदुए आबादी के निकट नहीं आ रहे हैं। इससे ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं।
टाइगर रिजर्व के बराही रेंज के अंतर्गत नौजल्हा व बूंदीभूड़ क्षेत्र में पिछले एक माह से तेंदुए का आतंक है। तेंदुओं ने दो गांवों की सीमा क्षेत्र में आबादी में घुसकर लगभग डेढ़ दर्जन मवेशी को अपना निवाला बना लिया और कई मवेशियों को हमला कर घायल कर दिया। लगातार सीमावर्ती गांव में तेंदुए के हमले की घटनाओं के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन सचेत हुआ। अधिकारियों के निर्देश पर एक सप्ताह पूर्व क्षेत्र में तेंदुए की अधिक चहलकदमी वाले स्थानों पर कैमरे लगवाए गए। इसके अलावा वनकर्मियों की टीम लगाकर निगरानी गश्त बढ़ा दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले चार दिनों से तेंदुए की जंगल से सटे क्षेत्र में चहलकदमी देखी जा रही है लेकिन आबादी के पास उसकी चहलकदमी कम हो गई है। तेंदुए के हमले की घटनाएं कम होने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो बरसात से पूर्व तेंदुए नेपाल की ओर से आ गए थे। इस बीच शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। ऐसा माना जा रहा है कि नदी का जलस्तर कम होने पर तेंदुए पुन: नेपाल की ओर वापस चले जाएंगे।