बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से मध्यान्ह अतिरिक्त भोजन योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक इच्छुक गर्भवती को प्रतिदिन 18 रूपये और कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चे को सात रूपये का पका पकाया भोजन दिया जाएगा। पायलेट प्राजेक्ट के तौर पर जिले के चार गांवों का चयन होगा।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अब तक पोषाहार एवं हाटकुक दिया जा है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। अब शासन ने गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को दोपहर में पका पकाया भोजन देने की योजना शुरू की है। जिले में इसके लिए अलग-अलग ब्लाकों के चार गांव का चयन किया गया है। इन गांव में प्रत्येक कार्य दिवस में महिलाओं को मैन्यू के अनुसार भोजन दिया जाएगा। केंद्र सरकार की इस योजना का शुभारंभ भी सोमवार को डीएम ने गोद लिए ललौरीखेड़ा के गांव रायपुर से कर दिया है।
मैन्यू में शामिल किए गए हैं फल भी
दोपहर को अतिरिक्त भोजन के लिए प्रति गर्भवती/धात्री महिला के लिए 18 रुपये और कुपोषित बच्चे के लिए सात रुपये रखे गए हैैं, जिसमें तीन रुपये के फल भी शामिल रहेंगे।
खुलेगा संयुक्त खाता
अतिरिक्त भोजना योजना संचालन के लिए ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकत्री के नाम संयुक्त बैंक खाता खोलकर धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। गर्भवती, धात्री महिलाएं एवं कुपोषित बच्चों के अभिभावकों से सहमति पर ही उन्हें खाना दिया जाएगा।
यह रहेगा मैन्यू
दिन मैन्यू
सोम-शुक्र मीठी दलिया
बुध-शनि हलुवा
मंगलवार खिचड़ी
बृहस्पतिवार तैहरी
फैक्ट फाइल
आंगनबाड़ी केंद्र 1760
गर्भवती/धात्री महिला 46195
कुपोषित बच्चे 23521
अतिकुपोषित 6147
इन गांव में चलेगी योजना
गांव ब्लाक
रायपुर ललौरीखेड़ा
बिलगवां मरौरी
उदयकरनपुर पूरनपुर
बहादुरपुर हुक्मी बरखेड़ा
पूर्व डीएम ने किया था प्रयास
करीब एक वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम ओएन सिंह को एक गांव में निरीक्षण के दौरान ऐसी गर्भवती महिलाएं मिली थीं, जो काफी कमजोर थीं और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। इस पर उन्होंने गांव में भोजन बनवाकर विद्यालय अथवा आंगनबाड़ी केंद्र पर बुलाकर सभी को खाना खिलवाने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर खाना भी बनवाया गया, लेकिन जब महिलाओं को बुलाया गया तो खाने ही नहीं पहुंची। लगभग उसी तर्ज पर शुरू हुई इस योजना के तहत बने खाने को खाने महिलाएं पहुंचेंगी या नहीं यह आने वाले समय में ही पता लग सकेगा।
गर्भवती/धात्री महिलाओं व कमजोर बच्चों में कुपोषण दूर करने को अतिरिक्त भोजन योजना के तहत चार गांव चिन्हित कर लिए गए हैं। चारों गांव में प्रधान के खाते खुलवाकर कार्य शुरू कर दिया गया है।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी