पीलीभीत। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्रत्येक राज्य से एक-एक ग्राम पंचायत को बाल मैत्री पंचायत पुरस्कार प्रदान किया जाना है। इसके तहत चयनित ग्राम पंचायत को पांच लाख रुपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। निदेशक पंचायती राज ने 20 मार्च तक निर्धारित मानदंडो को पूरा करने वाली तीन ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है।
योजना के तहत यह पुरस्कार वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायतों में हुए उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर दिया जाएगा। इस योजना में शामिल होने के लिए पहले निर्धारित मानदंडों के आधार पर तीन ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया जाएगा। फिर जिला स्तरीय कमेटी उनकी जांचकर एक का नामांकन दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार के तहत गठित स्टेट पंचायत परफारमेंस एसेसमेंट कमेटी के स्तर से अनुमोदित कर 31 मार्च तक भारत सरकार को भेजेगी। इसके बाद भारत सरकार स्तर पर गठित नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी प्रत्येक राज्य से एक पात्र ग्राम पंचायत को निर्धारित मानदंडों के आधार पर अंक प्रदान करेंगी। फिर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली एक ग्रापं को पुरस्कृत किया जाएगा। डीपीआरओ प्रमोद कुमार ने बताया निर्धारित मानकों पर चयनित ग्राम पंचायतों की जांच कर निदेशालय को जल्द भेज दिया जाएगा।
इन मानकों पर मिलेंगे अंक
बाल मैत्री पंचायत पुरस्कार के चयन के लिए कुछ मानक निर्धारित किए गए हैं। जिसके लिए उन्हें अंक प्रदान किया जाएगा। इसमें ग्राम पंचायत में बच्चों के टीकाकरण या प्रतिरक्षण की स्थिति। 100 प्रतिशत होने पर 10 अंक, 75 से 99 प्रतिशत होने पर नौ अंक और 60 से 74 प्रतिशत मिलने पर आठ अंक प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह से ग्राम पंचायत के विद्यालय में नामांकन की स्थिति, सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, ग्राम पंचायत के विद्यालयों में ड्राप-आउट बच्चों का अनुपात, ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्ति, बालिका स्वच्छता, विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन की स्थिति और बच्चों में पोषण के स्तर की स्थिति के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे।