पीलीभीत। मंडी समिति में दर्जनों संदिग्ध महिलाओं के ठहरने का पता लगने के बाद हड़कंप मच गया। नौगवां पकड़िया गांव और मंडी कॉलोनी के दर्जनों लोग जमा हुए। महिलाओं के सभी से अलग-अलग कहानी बताए जाने पर लोगों को उनके किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त होने का शक गहरा गया। एसपी को सूचना मिलने के बाद सुनगढ़ी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। महिलाओं के आधार कार्ड कब्जे में लेकर छानबीन कराई जा रही है।
आसाम चौकी से मात्र सौ मीटर की दूरी पर स्थित मंडी समिति परिसर में दर्जनों महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में ठहरी हुई थी। इसका पता लगने पर नौगवां पकड़िया गांव और मंडी कॉलोनी के काफी लोग जमा हो गए। पहले तो महिलाओं की भाषा को सुनकर भांपते रहे। उनके बाहरी होने का आभास होने पर सभी ने उनसे पूछताछ शुरू कर यहां ठहरने का कारण पूछा। जिसमें किसी महिला ने राजस्थान में बाढ़ आने के बाद यहां शरण लेने की बात कही तो किसी ने व्यापार के सिलसिले में आना बताया। अलग-अलग बयान सामने आने पर लोगों को महिलाओं के आपराधिक गतिविधि में लिप्त होने का डर सताने लगा। उनके साथ कोई पुरुष न दिखाई देने पर भी आशंका बढ़ी। इसकी सूचना एसपी कलानिधि नैथानी, एएसपी रोहित मिश्रा और सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल को दी गई। जिसके बाद एसएचओ सुनगढ़ी मोहम्मद कासिम, आसाम चौकी प्रभारी एके सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जमा भीड़ से पूरे मामले की जानकारी जुटाई। इसके बाद महिलाओं से पूछताछ शुरू की। जिसमें उन्होंने किसी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की बात करते हुए कढ़ाई-सिलाई और कागज के फूल बनाकर बेचने, करतब दिखाकर गुजरा करने की बात बताई। पुलिस ने सभी के सामान को चेक किया। महिलाओं के आधार कार्ड कब्जे में लेकर पुलिस छानबीन कर रही है।
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महिलाएं बोली, हर साल आते हैं पीलीभीत
मंडी समिति परिसर में में ठहरी महिलाओं ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है। बेहद गरीब परिवार से जुड़ा होने पर खानाबदोश जिंदगी गुजार रही है। राजस्थान से हटने के बाद उनका मुख्य ठिकाना दिल्ली के बदरपुर में है। वह पहले भी कई बार काम के सिलसिले में पीलीभीत आ चुके है और रेलवे स्टेशन पर रहा करते थे।
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शुरूआत में लापरवाह बनी रहीं पुलिस
संदिग्धों के मंडी परिसर में ठहरने की सूचना मिलने के बाद थाना स्तर पर पुलिस शुरूआत में लापरवाह बनी रही। मौके पर मौजूद आम आदमी पार्टी के नेता संदीप सक्सेना ने बताया कि जब उनको इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसएचओ, सिटी मजिस्ट्रेट को कॉल की, लेकिन दोनों का ही फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में सीओ सिटी और एएसपी से सूचना दी गई। मौके पर पहुंची चौकी पुलिस छानबीन करने के बजाए उल्टा जमा भीड़ को ही जांच करने की बात कहती रही। इसकी एसपी से शिकायत करने के बाद पुलिस हरकत में आई है।
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सूचना मिलने पर पुलिस को मौके पर भेजा गया था। वहां पर कुछ महिलाएं मिली थी। जिनके आधार कार्ड जमा कर फोटो खींच नाम पता नोट किया गया है। उनके सामान की चेकिंग करने पर भी अभी कोई संदिग्ध बात निकलकर सामने नहीं आई है।
धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी