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परिषदीय स्कूलों में पढने वाले बच्चे निभाएंगे शिक्षक की भूमिका

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परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे निभाएंगे शिक्षक की भूमिका
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माता-पिता के साथ गांव के एक निरक्षर को भी देंगे क ख ग का ज्ञान
क्रासर...
शासन के निर्देश पर साक्षरता दर बढ़ाने को जुटेगा बेसिक शिक्षा मकहमा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले की साक्षरता दर बढ़ाने को अब उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षक की भी भूमिका निभाएंगें। इन बच्चों को अपने माता पिता के अलावा आसपास के एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का जिम्मा सौंपा जा रहा है। इसको लेकर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर ने बीएसए को आदेश जारी किए हैं।
शासन के संज्ञान में आया कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा विभाग के अनुदानित स्कूलों में बच्चों के माता पिता दोनों या कोई एक साक्षर नहीं है। ऐसे में वे अपने बच्चों को शिक्षा में कोई सहयोग नहीं कर पाते है। इधर बेसिक शिक्षा परिषद ने साक्षरता दर बढ़ाने की पहल की है। इस पहल के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चे अपनी पढ़ाई के साथ ही अब अपने माता पिता को भी क ख ग लिखना व पढ़ना सिखाएंगेे। इसको लेकर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीएसए को आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों पढ़ने वाले बच्चों को इसके लिए प्रेरित किया जाए कि वे अपने माता पिता को साक्षर करें। साथ ही अपने आसपास के कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाएं। उन्होंने आदेश में यह भी कहा कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मां समूह का गठन किया गया है। सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए कि यदि समूह में कोई महिला निरक्षर है तो उन्हें साक्षर बनने में सहयोग करें।
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जिले में 50 फीसदी महिलाएं निरक्षर
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 20,31007 है। इसमें 10,72002 पुरुष व 9,59005 महिलाएं हैं। जिले की कुल साक्षरता दर 64.47 है। इसमें पुरुष साक्षरता दर 71.70 व महिला साक्षरता दर मात्र 50 फीसदी है। ऐसे में जिले में करीब 5,52,200 महिलाएं हैं जो निरक्षर हैं।
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वर्जन:
शासनादेश प्राप्त हो चुका है। प्रधानाध्यापकों के माध्यम से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को अपने अभिभावकों के साथ गांव के एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने को प्रेरित किया जाएगा। इसको लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए जा रहे हैं।
डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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