पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को अब भटकना नहीं पड़ेगा। डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला पुरुष अस्पताल में तैनात दो रेडियोलॉजिस्ट में से एक डॉ. कौशलेंद्र सेन की महिला अस्पताल में तैनाती कर दी गई है। अब महिलाओं को सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक महिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते हैं। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश का करीब दो वर्ष पूर्व शासन ने जिला पुरुष अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने पर दिक्कत खड़ी हो गई थी। वैैकल्पिक तौर पर डॉ. जगदीश कुछ समय महिला अस्पताल में देने लगे। इस बीच करीब सात माह पूर्व पंतनगर से ट्रांसफर होकर आए रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कौशलेंद्र सेन को कुछ समय के लिए महिला अस्पताल भेजा गया। इसके बाद फिर डॉ. कौशलेंद्र की पुरुष अस्पताल में तैनाती कर दी गई। महिला अस्पताल में समस्या बरकरार रही। प्रशासनिक अफसरों से लेकर शासन स्तर पर लगातार रेडियोलॉजिस्ट की मांग को लेकर पत्राचार चलता रहा। पिछले दिनों लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री की बैठक में सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया ने जब यह मुद्दा उठाया तो नेशनल हेल्थ मिशन निदेशक पंकज कुमार ने जिला स्तर पर ही समस्या का निदान करने के निर्देश दिए। इधर, सीएमएस ने डीएम को पत्र भेजा, जिसमें बताया गया कि पुरुष अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। एक की तैनाती महिला अस्पताल में स्थायी तौर पर हो जाने से अल्ट्रासाउंड के लिए महिलाओं को भटकना नहीं पड़ेगा। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने इसे गंभीरता से लिया और जिला पुरुष अस्पताल में तैनात डॉ. कौशलेंद्र सेन को सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बैठने का फरमान जारी कर दिया। सीएमएस ने बताया कि डीएम के निर्देश पर रेडियोलोजिस्ट डॉ. कौशलेंद्र सुबह आठ से एक बजे तक ड्यूटी देने लगे हैं। महिलाओं को काफी सहूलियत है।