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गोलमाल नहीं कर पाने पर चार कोटेदारों ने सौंपा इस्तीफा

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पीलीभीत। सरकारी राशन की हो रही कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने ई-पॉस मशीन से राशन वितरण की व्यवस्था की है। कहीं न कहीं इसका असर भी दिखने लगा है। खुद की दाल गलती नहीं देख एक के बाद एक चार कोटेदारों ने राशन की दुकान चला पाने में असमर्थता जता दी। कई अन्य कोटेदार भी इसकी तैयारी में है। वहीं कुछ कोटेदार इस व्यवस्था को बंद करने के लिए आवाज बुलंद करने में लगे हैं।
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बता दें कि राशन कार्ड को आधार से लिंक किया गया है। ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही उपभोक्ताओं को राशन दिया जा रहा है। इस कवायद से जहां बिचौलियों पर अंकुश लगा है, वहीं राशन की मात्रा में हेरफेर कर मलाई काटने वाले कोटेदार परेशान हैं। वह इस नई व्यवस्था से तालमेल बिठाने में खुद को असहज पा रहे हैं। लिहाजा वह वितरण व्यवस्था से नाता तोड़ रहे हैं। जिले में चार कोटेदारों ने इस्तीफा देे दिया है। इन दुकानों को नजदीकी दुकानों में शामिल किया जाएगा। इनके अलावा भी कई दुकानदार कोटा छोड़ने का मन बना रहे हैं।
कोटे की 884 दुकानें हो रही संचालित
चार राशन की दुकानों का इस्तीफा देने के बाद वर्तमान समय में 884 कोटे की दुकानें जिले में संचालित हो रही है। एक-एक यूनिट वितरण का डाटा ऑनलाइन कर दिया गया है। करीब चार लाख लोगों को राशन वितरण किया जाता है। लेकिन सिस्टम में बंधे कोटेदारों की एक नहीं चल रही है।
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पात्र गृृहस्थी - 351398 कार्डधारक
अंत्योदय - 36658 कार्डधारक
1515000 यूनिट वितरित होता है
ई-पॉस मशीन से अन्न वितरण पर जोर है। राशन वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर कोटेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। ई-पॉस से पारदर्शिता रहेगी। कार्डधारकों को भी सहूलियत मिलेगी।
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एपी सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी।
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