पीलीभीत। अवैध घुसपैठ के लिए हमेशा से सुर्खियों में रही टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज के वनकर्मी घुसपैठियों के खौफ में हैं। दो वनकर्मियों के निलंबन के बाद यहां ट्रांसफर किए गए डिप्टी रेंजर ने जान का खतरा बताकर चार्ज लेने से ही इनकार कर दिया। अधिकारियों को जवाब भेजा कि उनपर पहले भी जानलेवा हमले हो चुके हैं। अधिकारी अब ट्रेनिंग पर गए वनकर्मियों के आने का इंतजार कर रहे हैं।
टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद से ही जंगल क्षेत्र में अवैध घुसपैठ पर रोक लगा दी गई, लेकिन लंबे समय तक उच्च अफसरों के पद खाली होने से यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी। बीहड़ इलाका होने के चलते हरीपुर रेंज में अवैध घुसपैठ नहीं रुक सका। पेड़ों का कटान और वन्यजीवों के शिकार घटनाएं नहीं थमी। इसमें वनकर्मी और अफसरों की संलिप्तता भी सामने आई। अवैध कटान का मामला सामने आने के बाद एक वन दरोगा व वन रक्षक को निलंबित कर दिया गया। डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने एक डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार का तबादला हरीपुर रेंज कर दिया, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी उन्होंने चार्ज नहीं लिया। इसपर अफसरों ने जवाब मांगा। जिसपर उन्होंने पूर्व में तैनाती के दौरान हमले का हवाला देते हुए जान का खतरा बता दिया। जिसके बाद अफसर भी मान गए। फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते डिप्टी रेंजर का हरीपुर तबादला किया गया था, लेकिन संबंधित डिप्टी रेंजर ने पूर्व में तैनाती के दौरान हमले का हवाला देकर जान का खतरा बताया है। ट्रेनिंग पर गए कुछ वनकर्मी के आते ही हरीपुर में स्टाफ बढ़ाया जाएगा।
अवैध घुसपैठ रोकने को कराई जा रही क्रास गश्त
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज में अवैध घुसपैठ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अफसर गंभीर हुए है। इसके लिए हरीपुर रेंज के वनकर्मियों की संलिप्ता को ध्यान में रखते हुए क्रास गश्त कराई जा रही है। अफसरों के निर्देश पर बराही, माला, महोफ समेत सभी रेंज के अफसर नियमानुसार गश्त करने में जुटे है। जो दिन और रात गश्त कर जंगल क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख रही है।