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आश्वासन के बाद भी धरना पड़ा महंगा, 35 पर रिपोर्ट

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माधोटांडा। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कलीनगर तहसील में धरना दे रहे भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी के कार्यकर्ता कानूनी कार्रवाई में फंस गए हैं। डीएम के आश्वासन के बाद भी धरना जारी रखने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में तहसीलदार की तहरीर पर 35 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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तहसीलदार आनंद प्रकाश राय ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि विभिन्न मांगों को लेकर भाकिमयू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगों पर कार्रवाई भी कर दी और कुछ पर की जा रही है। इसके बाद भी धरना जारी है जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। डीएम के आदेश पर तहसीलदार ने जिलाध्यक्ष रमेश दद्दा समेत 20 नामजद और 15 अज्ञात महिलाओं पर रिपोर्ट दर्ज कराई।

ये किए गए नामजद
जिलाध्यक्ष रमेश दद्दा के अलावा चेतन मिश्रा, चंदन शाह, नित्यानंद, खोकन मंडल, सुभाष, संजय मंडल, सुनील, विमल ढाली, विमल सरकार, शंकर मंडल, देवाशीष, प्रशांत ढाली, हरिपद सरकार, हारून सरकार, समीर ढाली, रमेश, असीम मंडल, समीर गायन, समीर मंडल को नामजद किया गया है।
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ये थी आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे
- कलीनगर तहसील के ग्राम बिहारीपुर में तालाब पर अतिक्रमण करने वाले प्रधान पर कार्रवाई।
- नदहा गांव में चरागाह की भूमि से कब्जा हटवाया जाए।
- रामपुर गांव में 800 मीटर कच्चे मार्ग पर धान लगाने वालों पर कार्रवाई।
- लेखपाल द्वारा सुविधा शुल्क न देने पर निरस्त किए गए 85 निवास प्रमाण पत्रों को बनवाने और लेखपाल पर कार्रवाई।
- हरियाली पट्टों से कब्जा हटवाया जाए।
- रामकोट गांव का खसरे के आधार पर सीमांकन।

हमारे आंदोलन को प्रशासन कुचलने की साजिश कर रहा है। हम पहले ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेज चुके हैं। प्रशासन झूठ बोल रहा हे कि हमारी मांगों पर काम हुआ। कलीनगर प्रशासन की करतूत को जिला प्रशासन दबाने में लगा है। इसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन चाहे जितने भी मुकदमे दर्ज कर दे, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा।- रमेश चंद्र दद्दा, जिलाध्यक्ष भाकिमयू राष्ट्रवादी
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