पूरनपुर। क्षमता के अनुरूप गन्ना पेराई न कर पाने वाली चीनी मिल में खराबी को लेकर बृहस्पतिवार शाम और शुक्रवार सुबह फिर बंद हुई। मिल के क्षमता के अनुरूप गन्ना न पेर पाने पर मिल यार्ड में गन्ना से भरे वाहनों की फिर लंबी लाइनें लग गई। भारी भीड़ पर चीनी मिल ने गन्ना सप्लाई का इंडेट फिर रोक दिया।
चीनी मिल अब भी गन्ना की नियमित पेराई नहीं कर पा रही है। रुक-रुक कर चल रही चीनी मिल बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे खराबी आने सेे बंद हो गई। करीब दो घंटे बाद चीनी मिल को चलाया जा सका। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे फिर खराबी से मिल बंद हुई। बंद हुई चीनी मिल को सुबह करीब पांच बजे चलाया जा सका। मिल के बंद होते ही गन्ना की तौल बंद कर दी गई। क्षमता के अनुरूप चीनी मिल के गन्ना की पेराई न कर पाने से मिल यार्ड में गन्ना लदे वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। 13 मार्च को गन्ना तौल का टोकन जिन किसानों को जारी किया गया, उनके गन्ने की तौल शुक्रवार को शुरू हुई। मिल में गन्ना तुलवाने को किसानों को साठ से सत्तर घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे गन्ना किसानों में रोष है।
उधर, मिल यार्ड में गन्ना की अधिकता पर चीनी मिल ने शुक्रवार को गन्ना सप्लाई का इंडेंट जारी कर सहकारी गन्ना समिति नहीं भेजा। परिणाम स्वरूप सहकारी गन्ना समिति में गन्ना सप्लाई पर्चियों को लेने आए किसानों को घंटों इंतजार के बाद बैरंग होगा पड़ा।
डीसीओ ने डायवर्जन के प्रस्ताव की परखी हकीकत
पूरनपुर। क्षमता के अनुरूप गन्ना न पेरने वाली चीनी मिल के जीएम ने आवंटित सभी गन्ना पेरने से हाथ खड़े कर नौ गन्ना क्रय केंद्रों का गन्ना अन्य मिलों को डायवर्जन कराने को फेडरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा था। डायवर्जन में ऐसे गन्ना क्रय केंद्रों के नाम दिए गए, जिन गन्ना क्रय केंद्रों पर नाममात्र का ही गन्ना है। इसको लेकर जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को डायवर्जन को भेजे गए प्रस्ताव की क्षेत्र में घूमकर जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने बताया कि चीनी मिल ने ऐसे गन्ना क्रय केंद्रों के डायवर्जन का प्रस्ताव दिया। जिन पर नाम मात्र का गन्ना है। कीरतपुर गन्ना क्रय केंद्र के किसानों ने मात्र पांच हजार क्विंटल गन्ना क्षेत्र में होने की जानकारी दी और बचा गन्ना पूरनपुर चीनी मिल को ही सप्लाई कराने की मांग की।