पीलीभीत। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से शुक्रवार को तराई इलाके में मौसम का मिजाज फिर बिगड़ गया। जिले के कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि होने से ठिठुरन बढ़ गई। बारिश से अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जिले का अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहा था। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। यूं तो नए साल के पहले दिन से ही मौसम में उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पिछले पांच दिनों से दोपहर में खिल रही धूप से मौसम में थोड़ा सुधार होता दिखाई दिया था। हालांबक बीते साल के मुकाबले इस बार सर्दी कम पड़ी। जनवरी के अंतिम दिनों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद थी, लेकिन शुक्रवार को मौसम मिजाज अचानक फिर बिगड़ा तो लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। सुबह मौसम साफ था, लेकिन सर्दा हवा चल रहीं थी। दस बजे हल्की बूंदाबंदी शुरू हुई। दोपहर करीब दो बजे कुछ देर तेज बारिश हुई। इस दौरान कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।
गेहूं को फायदा, गन्ना-आलू और लाही को नुकसान
बारिश से कुछ फसलों को फायदा तो कुछ को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सर्दी के इस मौसम में हुई बारिश से गेहूं की पैदावार करने वाले किसानों के चेहरों पर खासा रौनक है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। वहीं बारिश के साथ तेज हवाओं से आलू, सरसों और गन्ने का फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं से खेत में खड़ी गन्ने व सरसों की फसल गिरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
गठिया, दिल के मरीजों की बढ़ेंगी दिक्कतें
सर्द मौसम में गठिया और दिल के मरीजों के लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सीबी चौरसिया का कहना है कि ठंडक गठिया रोग वाले मरीजों के लिए थोड़ा तकलीफ देय होती है। ऐेसे मरीज सावधानी बरतें। वह अपने को ठंड से बचाने का प्रयास करें। हल्का फुल्का व्यायाम जरुर करें। अपने शरीर को चलायमान रखें। एक ही जगह पर अधिक देर तक न बैठें। वहीं दिल के मरीज तेल वाली सब्जी के सेवन से बचें। फास्ट फूड बिल्कुल न खाएं। सुबह-शाम जरुर टहलें। गुनगुना पानी पीएं। भोजन गर्म करके खाएं।