पूरनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल खराबी के चलते मंगलवार रात 11 घंटे बंद रही। मिल बंद होते ही गन्ना की तौल ठप पड़ गई। जिसके बाद मिल से हाईवे तक गन्ना वाहनों की कतार दिखाई दी। दूसरे दिन बुधवार सुबह खराबी दूर कर मिल को चालू कर तौल कराई गई। हालांकि वाहनों की अधिक संख्या पर मिल ने गन्ना सप्लाई का इंडेंट जारी कर सहकारी समिति को नहीं भेजा। किसान गन्ना सप्लाई पर्चियों के लिए सहकारी गन्ना समिति में भटकते रहे।
मरम्मत पर लाखों खर्च करने के बाद भी चीनी मिल नियमित नहीं चल पा रही है। मंगलवार शाम करीब सात बजे खराबी आने के बाद चीनी मिल बंद हो गई। चीनी मिल के बंद होते ही गन्ना की तौल बंद कर दी गई। इससे चीनी मिल का पूरा यार्ड गन्ना वाहनों से भर गया। कतार असम हाईवे तक पहुंच गई। जिससे रात में कई बार राहगीरों को जाम से रूबरू होना पड़ा। तौल कराने के लिए किसान रात भर इंतजार करते रहे। बुधवार सुबह सुधार के बाद मिल चालू कराई गई। तब कहीं गन्ना की तौल शुरू हो सकी। इधर, भाकियू नेता मंजीत सिंह का आरोप है कि चीनी मिल में मरम्मत के नाम पर लाखों खेल किया गया है। इसकी शिकायत शासन से की जाएगी। रवैया न सुधरा तो भाकियू आंदोलन करेगी। वहीं समिति सचिव टीएन त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को पूरनपुर चीनी मिल ने गन्ना सप्लाई का इंडेंट नहीं भेजा। इस वजह से पूरनपुर चीनी मिल की गन्ना सप्लाई पर्चियां जारी नहीं हो सकीं।