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कांवड़िया बनकर पुलिस करेगी शिव भक्तों की सुरक्षा

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पीलीभीत। भोले के भक्तों की सुरक्षा के लिए अबकी बार खाकी वर्दीधारी भी कांवडियों के भेष में नजर आएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले विवाद और हादसों को देखते हुए पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने ये प्लानिंग की है। इसे अलावा सोशल मीडिया पर भी पैनी निगाह रखी जाएगी। डीजीपी कार्यालय से मिले दिशानिर्देशों के आधार पर जिला स्तर पर श्रावण मास का सुरक्षा चार्ट लगभग तैयार किया जा चुका है।
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पवित्र सावन माह में होने वाली शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा 28 जुलाई से शुरू हो रही है, जोकि 20 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान नौ अगस्त को शिवरात्रि पर्व पड़ेगा। खुफिया एजेंसियों द्वारा कावंड़ यात्रा के दौरान खुराफात की आशंका जाहिर करते हुए अलर्ट जारी किया गया है। जिसके बाद से पुलिस महकमा सुरक्षा के लिहाज से सख्त रणनीति बनाने में जुटा है। नेपाल और उत्तराखंड की सीमा से सटे पीलीभीत जिले से भी करीब 40 हजार से अधिक कांवडिये बदायूं के कछला घाट, उत्तराखंड के हरिद्वार आदि गंगाघाट से जल लाकर शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में कांवड़ियों की भीड़ के बीच कोई शरारती तत्व उनमें शामिल होकर विवाद की वजह न बन जाए। इसके लिए पुलिस कांवड़ियों के साथ रहेगी। शिवालय, सड़क और गंगा घाट पर तैनाती के साथ ही सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी कांवड़ियों के जत्थों में शामिल किए जाएंगे। इसको लेकर ड्यूटी प्वाइंट भी लगभग तय किए जा चुके
वहीं, पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। पूर्व में कई अन्य जिलों में हुए बवाल के बाद सोशल साइट्स पर वायरल की गई भड़काऊ पोस्ट ही बवाल की अहम वजह बनकर सामने आई थीं। कांवड़ यात्रा के दौरान सोशल साइट्स पर शरारती तत्व सक्रिय न हो सकें, इसके लिए पुलिस की साइबर सेल विंग को भी एक्टिव रखा जाएगा। पैनी निगाह रखते हुए सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खुराफातियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने के लिए सभ्रांत लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
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तीसरी आंख से निगरानी, चेकिंग कर होगी धरपकड़
शहर में कांवडिय़े मुख्य रूप से प्राचीन गौरी शंकर मंदिर, दूधिया नाथ मंदिर, अर्द्घनारीश्वर मंदिर आदि में जलाभिषेक करते हैं। इसके अलावा मंडी समिति में कांवड़ियों के जत्थों का रात्रि विश्राम होता है। ऐसे में शिवालयों से लेकर सड़क तक सुरक्षा के बंदोबस्त किए जाएंगे। यहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिसकर्मी कांवडिय़ों के जुलूस को स्कार्ट करते हुए लाएंगे। साथ ही कैमरे की मदद से रूट पर निगरानी की जाएगी।कांवडिय़ों के ठहरने वाले स्थानों पर लगातार चेकिंग होगी।
अनुमति पर बजेगा डीजे, आपत्तिजनक नारे पड़ेंगे भारी
कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने के लिए कांवड़ियों को अनुमति लेनी होगी। डीजीपी ने स्पष्ट कहा है कि बिना अनुमति डीजे नहीं बजने दिया जाएगा। वहीं आपत्तिजनक नारे लगाना भी महंगा पड़ेगा। ऐसा करने वालों सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा सख्त रहेगी। लगातार तैयारियां की जा रही हैं। सड़कों की मरम्मत, गंदगी और सुरक्षा सभी पहलुओं पर संबंधित विभाग के अफसरों से मिलकर काम कराया जा रहा है। सिविल ड्रेस में कांवडिय़ों के बीच पुलिसकर्मी शामिल रहकर निगेहबानी करेंगे। सीसीटीवी की भी मदद ली जाएगी।
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धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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