फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2121 मृतक ले रहे थे बुढ़ापा पेंशन

Mon, 11 Dec 2017 06:58 PM IST
महिपाल गंगवार 
विज्ञापन
पेंशन
विज्ञापन
जांच में हुआ खुलासा तो लगाई गई पेंशन निकासी पर रोक
विज्ञापन


पीलीभीत। समाज कल्याण विभाग में मृतकों को वृद्धावस्था पेंशन दिए जाने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ 2121 ऐसे लोगों के आश्रित ले रहे थे, जो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान यह गड़बड़ी जून में पकड़ी गई थी, लेकिन विभाग ने कमियों पर पर्दा डालने के लिए गुपचुप तरीके से उनकी पेंशन पर रोक लगा दी थी। अपात्र पेंशन लाभार्थियों की जांच कराने के लिए विभाग ने गांव-देहात का रुख किया तो इस मामले का खुलासा हुआ। 
वित्तीय वर्ष 2016-17 में बुढ़ापा पेंशन लेने वालों की संख्या 33793 थी, इस बीच अप्रैल, मई और जून में बुढ़ापा पेंशन लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान विभाग को पता चला कि इनमें 2121 ऐसे पेंशनर्स हैं जो अब इस दुनिया में नहीं है। विभाग मृतकों के खाते में 400 रुपये प्रतिमाह पेंशन की धनराशि भेजता रहा। जांच में 144 ऐसे लाभार्थी भी निकले, जिनमें कई की उम्र और कई के दस्तावेज गलत थे, इनके नाम भी सूची से काट दिए गए। सूत्र बताते हैं कि इस मामले को दबाने की विभागीय अधिकारियों ने कोशिश की, लेकिन बाद में इस प्रकरण में जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश वर्मा ने जांच बैठाकर तत्काल मृतकों और अपात्रों के खाते में भेजी जाने वाली पेंशन पर रोक लगा दी। चालू वर्ष में 32,933 लाभार्थियों को बुढ़ापा पेंशन का लाभ मिल रहा हैं। जिनमें 1405 नए पात्र हैं। विभाग की ओर से इनके खातों में दो किस्त भेजी जा चुकी है। मार्च तक शेष राशि खातों में भेज दी जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच पड़ताल जारी
सरकारी विभाग के खजाने से हर वर्ष लाखों रुपये का गोलमाल होने का मामला समाने आने के बाद समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भले ही जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि पेंशनरों की मौत के बाद पैसे उनके खाते से कैसे निकाले जाते रहे। विभाग के पास इसका कोई जवाब नहीं है, जबकि प्रत्येक वर्ष विभाग द्वारा पेेंशनरों का सत्यापन कर पूर्ण रुप से जांच पड़ताल की जाती है। 

पेंशनरों के रुटीन सत्यापन में जांच के दौरान 2121 मृतक और 144 अपात्रों के नाम सामने आए हैं, जो वृद्धावस्था पेंशन का लाभ 
ले रहे थे। मृतकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। मामले की जांच कराई जा रही है। 
राजेश वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें