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Pilibhit News: 1466 बंगाली परिवारों को जमीन का मिला मालिकाना हक, खिल गया चेहरा

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बंगाली समाज के विस्थापितों को मिला जमीन पर भूमिधरी अधिकार, लंबे समय से कर रहे थे मांग, कई समस्याओं का होगा समाधान
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पीलीभीत। शारदा डैम की तलहटी में बसे पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के विस्थापित परिवारों को करीब 55 वर्षों बाद जमीन पर मालिकाना हक मिला तो चेहरे खुशी से खिल गए हैं।
मंगलवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में 1466 परिवारों को जमीन का भूमिधरी अधिकार मिला है। अन्य परिवारों का विवरण भी प्रशासन ने तैयार कर रखा है। भूमिधरी अधिकार मिलने से इन परिवारों की कई समस्याओं का समाधान हो गया। बताया जा रहा है कि करीब 4000 परिवार इससे लाभान्वित होंगे। वर्ष 1964 से 1971 बांग्लादेश विभाजन के समय तक पूर्वी पाकिस्तान के विस्थापित परिवार पीलीभीत आए थे। इन परिवारों को शारदा डैम की तलहटी में बसाया गया। रहने और खेती-किसानी के लिए जमीन दी गई। इसके बाद भी विस्थापितों का आना जारी रहा। धीरे-धीरे यहां रहने वाले बंगाली समाज के लोगों के सगे-संबंधी भी जिले में आ गए। मौजूदा समय में डैम के तलहटी क्षेत्र की 12 ग्राम सभाओं में बंगाली समाज की आबादी निवास करती है।
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न्यूरिया, अमरिया, मझोला आदि क्षेत्रों में भी इनकी आबादी है। पूर्वी पाकिस्तान से आए इन परिवारों ने यहां काम-धंधा तो जमा लिया, लेकिन जमीन पर मालिकाना हक उन्हें नहीं मिल सका था। इसको लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुरादाबाद मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित टीम ने इन विस्थापित परिवारों का सर्वे कराया था। सूचना शासन को भेजी गई थी। संवाद

2196 हैं परिवार, 1466 को मिला भूमिधरी अधिकार

शासन ने मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय सिंह की अध्यक्षता में गठित टीम में शामिल पीलीभीत प्रशासन ने भी विस्थापितों का सर्वे और सत्यापन कराया था। बांग्लादेश या फिर पूर्वी पाकिस्तान से आने वाले परिवारों की जानकारी जुटाई गई। करीब 2196 परिवार सामने आए थे। जिला प्रशासन ने 1466 परिवार की सूचना पहले चरण में भेजी थी। इन परिवारोंं को जमीन का मालिकाना हक मिल गया है।


24 ग्राम पंचायतों में बंगाली प्रधान, दो लाख आबादी

गांव मटैया लालपुर के प्रधान शंकर राय के अनुसार जिले की 24 ग्राम पंचायतों में प्रधान बंगाली समाज से हैं। चंदिया हजारा, मटैया लालपुर, रमनगरा, पुरौना ताल्लके महराजपुर, गभिया सहराई, नगरिया खुर्द कला, चंदिया सिंहपुर आदि गांवों में बंगाली समाज के लोग रहते हैं। शंकर राय के अनुसार, जिले में करीब दो लाख बंगाली मतदाता हैं।
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जिले में रह रहे विस्थापित बंगाली परिवारों को भूमि पर मालिकाना हक मिला है। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी। पहले चरण में 1466 परिवार शामिल हैं। नानकमत्ता और अन्य स्थानों के विस्थापितों का विवरण भी बना है। - ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
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