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मुस्लिमों की तरक्की दीनी और दुनियावी तालीम पर टिकी

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अमरिया। कस्बे के मदरसा इस्लामियां तालीमुल कुरआन में पैगामे इस्लाम कांफ्रेंस का आयोजन हुआ। जिसमें कुरान हिफ्ज कर मुकम्मल करने वाले चार हाफिज-ए-कुरान की दस्तारबंदी की गई।
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कस्बे की सिटी कॉलोनी शनिवार देर शाम हुए कांफ्रेंस में रामपुर से तशरीफ लाए हजरत सैयद फैजान मियां ने तकरीर में कहा कि कुरआने पाक और दीन के उसूलों पर चलकर इल्म हासिल करना चाहिए। बरेली मरकज के मुफ्ती अफजाल अहमद ने इल्म हासिल करने और अच्छा मुआशरा कायम करने की नसीहत दी। दिल्ली से तशरीफ लाए मुफ्ती अशफाक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की तरक्की दीनी व दुनियावी तालीम पर टिकी है। लोग अपने बच्चों खासकर लड़कियों को तालीम दिलवाएं। मुफ्ती इरफानुलहक ने कहा कि मुसलमानों को रोजा, नमाज, जकात पर अमल करना चाहिए। मुफ्ती रहीसुद्दीन ने कहा कि हमें बुजुर्गों से मोहब्बत करना चाहिए। इस मौके पर नासिर सुब्हानी, उस्मान हारूनी, तनवीर जोखनपुरी, सईद अख्तर, शरीफ अख्तर, तसलीम अजहरी ने नातिया कलाम पेश किए। इस दौरान दो वर्ष और सात माह में कुरान का हिफ्ज कर मुकम्मल कर चुके मोहम्मद मोहतशिम, मोहम्मद अनस, मोहम्मद अजीम और मोहम्मद शाहबाज की बिलग्राम शरीफ सज्जादानशीन हजरत सैयद हुसैन मियां ने दस्तारबंदी की।
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