अमरिया/ पीलीभीत। मंगलवार को बाघ ने एक पालतू कुत्ते और तेंदुए ने हमलाकर घर में बंदी बकरी को अपना निवाला बना लिया।
बाघ मंगलवार सुबह फरदिया गांव की सीमा में विसनपुर फार्म हाउस के निकट पहुंच गया। यहां फार्म हाउस के बाहर घूम रहे पालतू कुत्ते को बाघ ने निवाला बना लिया। सोमवार को भी फार्म हाउस की सीमा में बाघ ने नीलगाय का शिकार किया था। फार्म हाउस मालिक बलराज सिंह की सूचना के बाद वनकर्मी रामाधार, सोमपाल और चेतन कुमार ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाने के साथ बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए।
टाइगर रिजर्व से दूर अमरिया तहसील क्षेत्र में छह से अधिक वर्षों से बाघ का कुनबा डेरा जमाए है। शुरूआती दौर में इनकी संख्या दो से तीन बताई गई थी, लेकिन आज बाघों की संख्या बढ़कर सात के करीब हो गई है। अमरिया क्षेत्र के एक दर्जन गांवों की सीमा में चहलकदमी कर रहे बाघ लगातार मवेशियों को निवाला बना रहे हैं। टीम के सदस्य रामाधार ने बताया कि दो दिन से बाघ की विसनपुर फार्म हाउस की सीमा में अधिक सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील के साथ निगरानी बढ़ा दी गई है।
बूंदीभूड़ गांव में काफी देर तक घर में घूमता रहा तेंदुआ
माधोटांडा/ पीलीभीत। जंगल की सीमा से सटे गांवों में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने तेंदुए की दहशत कम नहीं हो रही है। सोमवार रात जंगल से बाहर निकले तेंदुए ने बूंदीभूड़ गांव निवासी राजेंद्र के घर में दस्तक देकर बकरी को निवाला बना लिया। यही नहीं तेंदुआ काफी देर तक घर में भी घूमता रहा। गनीमत रही कि घर में मौजूद किसी भी परिजन पर तेंदुआ हमलावर नहीं हो सका। आहट पर उठे परिजनों के शोर शराबा करने पर तेंदुआ बकरी को छोड़कर भाग गया। ग्रामीण संजय तिवारी के वनाधिकारियों से बातचीत करने के बाद ही बकरी के शव का पोस्टमार्टम हो सका।
बराही रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में चार माह पूर्व से आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर तेंदुआ लगातार मवेशियों पर हमलावर हो रहा है। अब तक कई दर्जन मवेशी तेंदुए का निवाला बन चुके है। क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कैद करने के लिए पिंजरे भी लगवाए। क्षेत्र से दो नर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर जंगल क्षेत्र में छोड़ भी दिया गया, लेकिन इसके बाद तीसरे तेंदुए की दहशत शुरू हो गई। इधर, तेंदुआ लगातार आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों को निवाला बना रहा है। घरों में लगातार तेंदुए की दस्तक के चलते ग्रामीणों में खौफ हैं। ग्रामीण टाइगर रिजर्व प्रशासन से तेंदुए को कैद करने की मांग कर रहे हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती सक्रियता पर कैमरों की सहायता से नजर रखी जा रही है। उसे कैद करने की योजना भी बनाई जा रही है। जल्द ही क्षेत्र में पिंजरा लगवा दिया जाएगा। - प्रवीण खरे, एसडीओ, टाइगर रिजर्व