नेपाल के वनाधिकारियों ने पीलीभीत में की बैठक
पीलीभीत। नेपाल के वन अधिकारी और टाइगर रिजर्व अधिकारियों ने बैठक कर वन एवं वन्यजीव संरक्षण पर चर्चा की। नेपाल के कैलाली जिले के रीजनल अधिकारी सुधीर कोइराला ने कहा कि वन एवं वन्यजीव किसी एक देश या विभाग के नहीं पूरे विश्व की धरोहर हैं। जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है।
नेपाल वन विभाग की 13 सदस्यीय टीम रीजनल वनाधिकारी सुधीर कोइराला के नेतृत्व में दुधवा नेशनल पार्क होते हुए सोमवार सायं पीलीभीत पहुंची। डीएफओ कैलाश प्रकाश के लखनऊ बैठक में होने के चलते नेपाल के वनाधिकारियों ने टाइगर रिजर्व मुख्यालय के सभागार में सेवानिवृत्त एसडीओ केपी सिंह, डब्ल्यूडब्लयूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार व हरीश कुमार के साथ बैठक की। दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की सूचनाएं साझा करने के साथ ही वन संरक्षण को चल रहे कार्यों में एक-दूसरे का सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा दोनों देशों में सक्रिय अपराधियों पर भी चर्चा की गई। नेपाल के कंचनपुर के डीएफओ शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि लंबू फरियाद नाम का एक शिकारी फरार चल रहा है, जिसका नेपाल में वारंट जारी किया गया है। इसपर टाइगर रिजर्व की ओर से उन्हें बताया कि फरियाद को गत वर्ष पीलीभीत टाइगर रिजर्व टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो अब जमानत पर चल रहा है। बैठक के बाद रीजनल अधिकारी सुरेश कोइराला ने पत्रकारों को बताया कि आपसी सामंजस्य बढ़ाने और एक दूसरे से व्यक्तिगत परिचय बढ़ाने के उद्देश्य से दौरा किया है। उन्होंने कहा कि हम सब की अपनी सीमाएं हैं। पर्यावरण और वन्यजीवों की कोई सीमा नहीं होती है। इसका प्रभाव सभी पर पड़ता है। दोनों देशों के बीच की वनसंपदा और वन्यजीवों का संरक्षण हो यही हम सब का उद्देश्य है। नेपाल की टीम में डीएफओ पुष्पराज बनौला, राजेंद्र कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।