पीलीभीत। पूरनपुर के रामलीला मैदान को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में दोनों पक्षों की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने किसी भी कार्रवाई या जांच से पूर्व मैदान की पैमाइश कराने के निर्देश दिए हैं साथ ही विवाद निपटने तक किसी भी तरह का निर्माण न किए जाने की हिदायत भी दी है।
पूरनपुर कस्बे के बीचोंबीच स्थित रामलीला मैदान की बेशकीमती जमीन पर पिछले काफी दिनों ने निर्माण कार्य चल रहे हैं जिससे मैदान का आकार छोटा होता जा रहा है। इस पर नगर के कुछ लोगों ने मेला कमेटी पर कब्जे कराने व जमीन बेचने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। करीब दो साल से इसको लेकर विवाद चल रहा है। मामला संज्ञान में आने पर डीएम शीतल वर्मा ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे जिस पर दोनों पक्षों के पांच पांच लोगों को बुलाया गया था। मंगलवार को गांधी सभागार में डीएम की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के कई लोग पहुंचे। डीएम ने दोनों पक्षों से वार्ता की समस्या की जानकारी की। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। इस पर डीएम ने रामलीला मैदान की जमीन की हकीकत जानने को पहले उसकी पैमाइश कराने के निर्देश एसडीएम पूरनपुर शशिभूषण राय को दिए। डीएम ने कहा सबसे पहले जमीन की पैमाइश कर उसका क्षेत्रफल देखा जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। डीएम ने पैमाइश के समय दोनों पक्षों के मात्र पांच पांच सदस्यों के मौजूद रहने एवं मामले का निस्तारण होने तक किसी भी प्रकार का निर्माण न करने की निर्देश दिए।