वेतन को लेकर शिक्षक नेताओं एवं सीटीओ के बीच हुई कहासुनी शुरू हुई कोषागार कर्मियों की हड़ताल सोमवार को जारी रही। हड़ताल पर रहकर कोषागार कर्मियों ने धरना दिया।
शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ शिक्षक वेतन की जानकारी करने कोषागार पहुंचे थे। आरोप है शिक्षकों ने मुख्य कोषाधिकारी कक्ष में घुसकर उनसे गाली गलौज कर अभद्रता की थी। इसको लेकर कार्यालय में काफी हंगामा हुआ। शोर शराबा होने पर एडीएम ने उनके कक्ष में मौजूद कलीनगर एसडीएम सूरज यादव को मौके पर भेजकर मामला शांत कराया था। इसके बाद सीटीओ से हुई गाली गलौज और अभद्रता से नाराज कोषागार कर्मियों ने कार्यालय में तालाबंद की हड़ताल शुरू कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। सोमवार को सुबह कलक्ट्रेट के सभी कार्यालय और ट्रेजरी खुली लेकिन कोषागार कर्मियों की हड़ताल जारी रही। एकत्र कोषागार कर्मियों ने कार्यालय केे बाहर धरना देकर नारेबाजी की। कोषागार कर्मियों का कहना है कि कोषागार से बेसिक के अलावा माध्यमिक सहित कई विभागों का वेतन भी निर्गत होता है लेकिन बेसिक के कुछ शिक्षक अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए हमेशा विवाद को जन्म देते हैं। अन्य किसी विभाग से आज तक कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने कहा पूर्व में भी कई बार अभद्रता की घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन कार्रवाई न होने के चलते उनके हौसले बढ़ते जा रहे हैं जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने अभद्रता करने वाले शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज होने तक हड़ताल समाप्त न करने का ऐलान किया। हड़ताल और धरने में राजेंद्र कुमार, ओमप्रकाश शर्मा, सुधीर अग्रवाल, जयवीर, रवि कुमार टांक, राजेश कुमार शुक्ला, गंगाराम, अवनेंद्र कुमार, हरिमोहन, दसूरजपाल, अरविंद सक्सेना, भरतवीर, दुर्गेश, हरीशचंद्र गुप्ता, सतीश चंद्र, हरीराम, राकेश कुमार, त्रिलोकीनाथ, मोहम्मद नसीब, अरूण सक्सेना सहित कई लोग थे। कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।