पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में रविवार को विशेषज्ञ डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने वन्यजीवों को ट्रेंकुलाइज करने का तरीका बताया। इस दौरान बाघ की डमी पर निशाना साधने और ट्रेंक्युलाइज करने के बाद उसे पिंजरे तक कैसे लाया जाए, इसकी रिहर्सल कराई गई।
कार्यशाला में दूसरे दिन डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने प्रशिक्षण के दौरान बाघ की डमी को जंगल में रखवाया। ट्रैक्टर या अन्य वाहन पर सवार होकर वन्यजीव की गतिविधि के मुताबिक उसे कैसे ट्रेंक्युलाइज किया जा सकता है, इसकी जानकारी देकर वनकर्मियों से निशाने लगवाए। ट्रेंक्युलाइज करने के बाद भीड़ के बीच सावधानी पूर्वक वन्यजीव को पिंजरे तक कैसे लाया जाए, इसका तरीका बताते हुए रिहर्सल कराया। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने बाघ को ट्रेंक्युलाइज करने के बाद स्थिति का सामना करते हुए शांत पूर्ण तरीके से कार्य को अंजाम देने की वनकर्मियों को सलह दी। इस दौरान वनकर्मियों की लिखित परीक्षा भी कराई गई। इस मौके पर प्रवीण खरे, श्वेता सेन, रेंजर दिलीप श्रीवास्तव, वीके गुप्ता, गिरीराज सिंह, आरिफ जमाल आदि मौजूद रहे।