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सुरक्षा पंक्ति बनाकर फसल और खुद को सुरक्षित करने में जुटे किसान
जंगल से सटे खेतों में फसल को बर्बाद करते हैं वन्यजीव, बाघ भी करते हैं हमला
माधोटांडा। टाइगर रिजर्व से सटे खेतों में खड़ी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों ने खुद व्यवस्था की है ताकि फसलों को बर्बाद कर रहे वन्यजीवों और वन्यजीवों का पीछा करने वाले बाघों के हमले से बचा जा सके। इसके लिए किसानों ने अपने खेतों के चारों ओर चार फुट चौड़ाई की ऑफ लाइन डालनी शुरू कर दी है। किसानों ने हर दस मीटर फसल के बाद चार फुट जगह ऐसी छोड़ दी है जो खेत के आरपार जाए। इस जगह फसल नहीं बोई जाएगी, बल्कि किनारे का गन्ना भी बांध दिया जाएगा। इससे गन्ने जैसी घनी फसल में निगरानी करना आसान हो जाएगा। वन्यजीवों को फसल में छुपना मुश्किल होगा तो बाघ के हमले से भी बचाव हो जाएगा।
टाइगर रिजर्व केे जंगल से बाहर निकल रहे वन्यजीव सीमा से सटे क्षेत्रों में लगी गन्ने की फसल में आकर उसको बर्बाद कर रहे हैं। गन्ने की बढ़ती फसल से वन्यजीवों के हमले का भी खतरा बना रहता है। मौसम में बदलाव के चलते वन्यजीव जंगल से बाहर निकलकर आबादी की ओर रुख कर रहे है। इससे हमले होने का भी डर बना रहता है। खास बात यह है कि गन्ने की फसल काफी बड़ी हो गई है और उसमें मिठास भी आने लगी है। इसके चलते भारी संख्या में जंगली सुअर बाहर निकलकर फसल को उजाड़ रहे हैं। किसानों को इस बात का डर सताने लगा है कि जंगली सुअरों का पीछे करते हुए बाघ भी न आने लगे। बाघ के हमला व फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेत के चारों ओर ऑफ लाइन बनाकर फसल व खुद को सुरक्षित करने का प्रयास किया है।